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October 30, 2026
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Ram Navami Madhya Pradesh Indore Tempal Accident दुखद हादसा : मध्यप्रदेश में रामनवमी पर्व पर मंदिर परिसर की छत धंसने से 25 लोग गहरी बावड़ी में गिरे, हादसे के समय सैकड़ों श्रद्धालुओं की भारी भीड़ थी, सीएम शिवराज सिंह चौहान ने जताया दुख, रेस्क्यू जारी, देखें वीडियो

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रामनवमी पर्व पर मध्य प्रदेश के इंदौर में आज दोपहर एक दुखद हादसा हुआ। रामनवमी के मौके पर इंदौर के श्री बेणेश्वर महादेव झूलेलाल मंदिर में सैकड़ों श्रद्धालुओं की भीड़ जमा थी। उसी दौरान मंदिर में बनी 50 फीट गहरी बावड़ी (कुएं) की छत धंसने से 25 से अधिक लोग उसमें गिर गए। इस दुखद हादसे में 5 श्रद्धालुओं की मौत हो चुकी है। फिलहाल, 19 लोगों को बाहर निकाला जा चुका है। इंदौर के स्नेह नगर के पास पटेल नगर में श्री बेलेश्वर महादेव झूलेलाल मंदिर में रामनवमी के मौके पर भारी संख्या में लोग दर्शन के लिए आए थे। उसी दौरान बावड़ी के ऊपर की छत अचानक ढह गई और लगभग 25 लोग बावड़ी में गिर गए। हादसे के बाद मंदिर परिसर में अफरा-तफरी मच गई। घटना पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने गहरा दुख जताया है।



बावड़ी में गिरे लोग बचाव- बचाव की आवाज लगाने लगे। सूचना पाकर मौके पर भारी संख्या में पुलिस प्रशासन और फायर ब्रिगेड की गाड़ी पहुंची। राहत बचाव कार्य शुरू किया गया। अधिकारियों ने बताया कि पटेल नगर के मंदिर में हुए हादसे के बाद राहत और बचाव कार्य शुरू कर दिया गया है। प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि धार्मिक कार्यक्रम के दौरान मंदिर में पुरातन बावड़ी की छत पर श्रद्धालुओं की काफी भीड़ इकट्ठा हो गई थी और छत ज्यादा लोगों का बोझ सहन नहीं कर सकी और ढह गई।

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इस घटना का संज्ञान लिया है। उन्होंने इंदौर कलेक्टर और कमिश्नर से फोन पर बात कर रेस्क्यू ऑपरेशन तेज करने के निर्देश दिए हैं। बावड़ी से अब तक 19 लोगों का रेस्क्यू कर लिया गया है। अभी भी कई लोग बावड़ी में फंसे हुए हैं। ‌ जिन्हें बावड़ी से निकाला जा रहा है। बाकी लोगों को रेस्क्यू करने के तेजी से प्रयास किए जा रहे हैं। बता दें कि इंदौर का यह मंदिर करीब 60 साल पुराना है। कन्या पूजन का कार्यक्रम था, इसलिए मंदिर में भीड़ ज्यादा थी। यहां पर नवरात्रि के दिनों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ रहती है।हादसे के बाद स्थानीय लोगों में आक्रोश है। उनका कहना है कि बावड़ी के पास अवैध रूप से मंदिर बनाया गया था और वहां के सभी हवन अनुष्ठान बावड़ी पर होते थे। इस अवैध निर्माण में क्षेत्रीय नेताओं का भी समर्थन था। इस अवैध निर्माण की शिकायत पहले भी कई बार की जा चुकी थी लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई।

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