योगी सरकार ने अपना 9,12,696 करोड़ रुपये का विशाल बजट पेश कर दिया है, जिसे 2027 के चुनाव से पहले राज्य के विकास का मास्टरप्लान माना जा रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में पेश किए गए इस बजट में शिक्षा, स्वास्थ्य, युवाओं और श्रमिकों के लिए कई बड़ी घोषणाएं की गई हैं। आइए आपको बताते हैं यूपी के बजट की खास घोषणाएं।
छात्राओं और शिक्षा के लिए बड़े ऐलान
मेधावी छात्राओं को स्कूटी: ‘रानी लक्ष्मीबाई योजना’ के तहत मेधावी छात्राओं को स्कूटी देने के लिए 400 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं।
भारी-भरकम शिक्षा बजट: बेसिक शिक्षा के लिए ₹77,622 करोड़ और उच्च माध्यमिक शिक्षा के लिए ₹6 करोड़ की व्यवस्था की गई है।
गरीब कन्याओं का विवाह: आरक्षित वर्ग की बेटियों की शादी के लिए ₹100 करोड़ और सामान्य वर्ग के निर्धन परिवारों की बेटियों के लिए ₹50 करोड़ का प्रस्ताव है।
चिकित्सा के साथ स्वास्थ्य क्षेत्र में भारी निवेश
मेडिकल कॉलेज और सीटें: राज्य में 14 नए मेडिकल कॉलेजों के संचालन के लिए ₹1,023 करोड़ दिए गए हैं। प्रदेश में एमबीबीएस की सीटें अब 4,540 से बढ़कर 12,800 हो गई हैं।
असाध्य रोगों का इलाज: कैंसर संस्थान लखनऊ के लिए ₹315 करोड़ और असाध्य रोगों के मुफ्त इलाज के लिए ₹130 करोड़ आवंटित किए गए हैं।
आयुष्मान भारत: मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना के लिए ₹500 करोड़ का प्रावधान किया गया है।
उद्योगों और युवाओं के लिए ‘बूस्टर डोज’
MSME सेक्टर: सूक्ष्म एवं लघु उद्योगों के लिए ₹3,822 करोड़ दिए गए हैं। प्रदेश का MSME सेक्टर देश में सबसे अधिक 3.11 करोड़ लोगों को रोजगार दे रहा है।
नई औद्योगिक योजना: ‘सरदार वल्लभ भाई पटेल इम्प्लायमेंट एण्ड इण्डस्ट्रियल जोन’ के लिए ₹575 करोड़ प्रस्तावित हैं।
युवा उद्यमी विकास: मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान के लिए ₹1,000 करोड़ का बजट है, जिसका लक्ष्य हर साल 1 लाख सूक्ष्म उद्यम स्थापित करना है।
‘एक जनपद एक व्यंजन’: ‘एक जनपद एक उत्पाद’ (ODOP) की सफलता के बाद अब सरकार ने ‘एक जनपद एक व्यंजन’ की नई योजना शुरू की है, जिसके लिए ₹75 करोड़ का बजट रखा गया है।
श्रमिकों को रोजगार के लिए नई पहल
लेबर अड्डों का निर्माण: शहरों में काम करने वाले मजदूरों के लिए विशेष ‘लेबर अड्डों’ का निर्माण कराया जाएगा।
दुर्घटना सहायता: ई-श्रम पोर्टल पर पंजीकृत श्रमिकों की मृत्यु या पूर्ण दिव्यांगता पर ₹2 लाख और आंशिक दिव्यांगता पर ₹1 लाख की सहायता दी जा रही है।
रोजगार मिशन: युवाओं को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नौकरी दिलाने के लिए ‘उत्तर प्रदेश रोजगार मिशन’ का गठन किया गया है।
लखनऊ और अयोध्या के लिए विशेष प्रावधान
नाइट सफारी: लखनऊ के कुकरैल इलाके में पर्यटकों के लिए ‘नाइट सफारी’ विकसित करने हेतु 207 करोड़ रुपये का बजट प्रस्तावित किया गया है।
अयोध्या का विकास: रामनगरी अयोध्या की सुंदरता और सुविधाओं के विस्तार के लिए 150 करोड़ रुपये की विशेष व्यवस्था की गई है।
संस्कृति और विरासत: प्रदेश में एक नए संस्कृति संग्रहालय का निर्माण पूरा कर उसका लोकार्पण किया जा चुका है, जो राज्य की विरासत को सहेजेगा।
हर घर नल और स्वच्छ गंगा के लिए बड़ा बजट
नमामि गंगे और ग्रामीण जलापूर्ति योजनाओं के लिए कुल 22,676 करोड़ रुपये प्रस्तावित किए गए हैं।
जल जीवन मिशन: इस मिशन के अलग-अलग कार्यों के लिए वित्तीय वर्ष 2026-2027 में लगभग 22,452 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है।
नल से जल का लक्ष्य: प्रदेश के कुल 2.67 करोड़ ग्रामीण परिवारों में से अब तक 2.43 करोड़ घरों को पाइप के जरिए पानी के कनेक्शन से जोड़ा जा चुका है।
प्रदूषण मुक्त गंगा: गंगा नदी में गंदा पानी गिरने से रोकने के लिए कुल 74 सीवरेज परियोजनाएं मंजूर की गई हैं, जिनमें से 41 प्रोजेक्ट्स पूरे होकर चालू हो चुके हैं और बाकी पर काम चल रहा है।
यूपी बजट 2026 की प्रमुख घोषणाएं
शहरों का विकास: मेरठ, मथुरा और कानपुर में नई विकास योजनाओं के लिए 750 करोड़ रुपये और अयोध्या की नई योजनाओं के लिए 100 करोड़ रुपये का बजट रखा गया है।
युवाओं को डिजिटल तोहफा: छात्रों को तकनीक से जोड़ने के लिए 40 लाख टैबलेट बांटने का लक्ष्य रखा गया है।
विरासत और पर्यटन: सारनाथ और हस्तिनापुर जैसे ऐतिहासिक स्थलों का विकास किया जाएगा और 10 हजार टूरिस्ट गाइडों को ट्रेनिंग दी जाएगी।
स्वास्थ्य और शिक्षा: प्रत्येक जिला अस्पताल में इमरजेंसी व ट्रामा सेंटर बनेगा और हर जिले में छात्राओं के लिए हॉस्टल का निर्माण किया जाएगा।
किसानों को मुफ्त बिजली: नलकूपों से सिंचाई के लिए किसानों को 1 अप्रैल 2023 से दी जा रही मुफ्त बिजली आपूर्ति को जारी रखा गया है।

