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October 23, 2026
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राष्ट्रीय

गुजरात के नरोदा गांव नरसंहार के मामले में माया कोडनानी और बाबू बजरंगी समेत सभी आरोपी कोर्ट ने बरी किए, 21 साल पहले हुई थी सांप्रदायिक हिंसा

गुजरात की विशेष अदालत ने साल 2002 में हुए नरोदा गांव नरसंहार के मामले में सभी आरोपियों को बरी कर दिया है। अहमदाबाद की विशेष अदालत में इस मामले पर सुनवाई चल रही थी। इस मामले में बाबू बजरंगी और माया कोडनानी भी आरोपी थे। माया कोडनानी गुजरात सरकार में मंत्री रह चुकी हैं। इस घटना में 11 लोगों की मौत हो गई थी साथ ही कई अन्य घायल हो गए थे। गृह मंत्री अमित शाह 2017 में कोडनानी के बचाव पक्ष के गवाह के रूप में पेश हुए थे। बता दें कि 2002 में गोधरा में चलती ट्रेन में आग लगा दी गई थी। इस हादसे में 58 लोगों की मौत हो गई थी। गोधरा कांड के विरोध में अगले दिन बंद बुलाया गया था। इस दौरान अहमदाबाद के नरोदा गाम में सांप्रदायिक हिंसा फैल गई थी। इसमें 11 लोगों की मौत हो गई थी। इसके बाद ही पूरे गुजरात में दंगे फैल गए थे। बताते चलें कि माया कोडनानी को नरोदा पाटिया दंगों के मामले में भी दोषी ठहराया गया था जिसमें 97 लोगों की हत्या कर दी गई थी और उन्हें 28 साल की सजा सुनाई गई थी। बाद में उन्हें गुजरात उच्च न्यायालय से राहत मिल गई थी। 28 फरवरी को अहमदाबाद के नरोडा गांव में हुई घटना के 6 साल बाद सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद जांच एसआईटी को सौंपी गई थी। इस मामले की सुनवाई 2009 से शुरू हुई थी। मामले में 187 लोगों से पूछताछ हुई थी। जबकि 57 चश्मदीद के बयान भी दर्ज किए गए थे इस मामले में 13 साल से सुनवाई चल रही थी।

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