Delhi Ordinance Bill pass : केंद्र सरकार ने दिल्ली अध्यादेश बिल लोकसभा में पेश किया, यह विधेयक पारित होने के बाद केजरीवाल सरकार की कम हो जाएगी पावर - Daily Lok Manch PM Modi USA Visit New York Yoga Day
March 5, 2026
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Delhi Ordinance Bill pass : केंद्र सरकार ने दिल्ली अध्यादेश बिल लोकसभा में पेश किया, यह विधेयक पारित होने के बाद केजरीवाल सरकार की कम हो जाएगी पावर

संसद मानसून सत्र के 9 दिन मंगलवार 1 अगस्त को भी मणिपुर मुद्दे पर विपक्ष के सांसदों ने जमकर हंगामा और नारेबाजी की। राज्यसभा में विपक्ष ने हंगामा करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सदन में आओ के नारे लगाए। वहीं दूसरी ओर पीएम मोदी आज पुणे में आयोजित कार्यक्रम में शामिल हुए। यहां पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लोकमान्य राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित किया गया। वहीं आज सुबह सदन में जैसे ही कार्यवाही शुरू हुई विपक्ष ने हंगामा करना शुरू कर दिया। हंगामा को देखते हुए लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने सदन को दोपहर 2 बजे तक स्थगित कर दिया। 2 बजे के बाद कार्यवाही शुरू होने पर केंद्रीय मंत्री नित्यानंद राय ने दिल्ली अध्यादेश विधेयक पेश किया। लोकसभा में GNCT (संशोधन) विधेयक 2023 पर बोलते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि संविधान ने सदन को दिल्ली राज्य के संबंध में कोई भी कानून पारित करने की शक्ति दी है। सुप्रीम कोर्ट के फैसले ने साफ कर दिया है कि दिल्ली राज्य को लेकर संसद कोई भी कानून ला सकती है। सारी आपत्ति राजनीतिक है। कृपया मुझे यह बिल लाने की अनुमति दें।

कांग्रेस सांसद अधीर रंजन चौधरी ने इस बिल को पेश होने के बाद लोकसभा में बताया कि यह संविधान का उल्लंघन और सर्वोच्च न्यायालय के फैसले को बदलने की कोशिश है। इससे देश में लोकतंत्र कमजोर होगा सरकार इसी मंशा से इस बिल को लाई है। बता दें कि 25 जुलाई को इस अध्यादेश को केंद्रीय कैबिनेट की मंजूरी मिली थी। विधेयक पेश हो सके, इसके पहले ही मणिपुर मुद्दे को लेकर हंगामा शुरू हो गया जिस कारण सदन की कार्यवाही 2 बजे तक के लिए स्थगित हो गई।

इसे लेकर आम आदमी पार्टी के राज्यसभा MP राघव चड्‌ढा ने कहा कि इस बिल के पास हो जाने के बाद दिल्ली में लोकतंत्र रह ही नहीं जायेगा, ये ‘बाबूशाही’ में तब्दील हो जाएगा। जनता द्वारा चुनी हुई सरकार की सारी शक्तियां छीनकर BJP द्वारा बिठाये गए LG को दे दी जाएंगीं। गौरतलब है कि केंद्र सरकार 19 मई को एक अध्यादेश लेकर आई थी। इस अध्यादेश के जरिए दिल्ली में अधिकारियों के ट्रांसफर-पोस्टिंग का अधिकार फिर से उपराज्यपाल को दे दिया गया है। यानी दिल्ली सरकार अगर किसी अधिकारी का ट्रांसफर करना चाहती है, तो उसे उपराज्यपाल की मंजूरी जरूरी होगी। अब सरकार के सामने सबसे बड़ी चुनौती अध्यादेश से जुड़े बिल को संसद में पास कराना है, क्योंकि तभी यह कानून का शक्ल ले पाएगा।

दिल्ली सर्विस बिल पारित होने से क्या-क्या बदलेगा—

  • दिल्ली सर्विस बिल के पास हो जाने से दिल्ली के मुख्यमंत्री और राज्य सरकार की शक्तियां काफी हद तक कम हो जाएंगी।
  • दिल्ली में जो भी अधिकारी कार्यरत होंगे, उन पर दिल्ली सरकार का कंट्रोल खत्म होगा और ये शक्तियां उपराज्यपाल के जरिए केंद्र के पास चली जाएंगी।
  • दिल्ली सेवा बिल में नेशनल कैपिटल सिविल सर्विसेज अथॉरिटी बनाने का प्रावधान है। दिल्ली के मुख्यमंत्री इसके अध्यक्ष होंगे।
  • अथॉरिटी में दिल्ली के मुख्य सचिव एक्स ऑफिशियो सदस्य, प्रिसिंपल होम सेक्रेटरी मेंबर सेक्रेटरी होंगे।
  • अथॉरिटी की सिफारिश पर LG फैसला करेंगे, लेकिन वे ग्रुप-ए के अधिकारियों के बारे में संबधित दस्तावेज मांग सकते हैं।
  • अगर अथॉरिटी और एलजी की राय अलग-अलग होगी तो एलजी का फैसला ही अंतिम माना जाएगा।

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