भारत में दक्षिण अफ्रीका के उच्चायुक्त प्रोफेसर अनिल सूकलाल ने कहा कि प्रस्तावित भारत-एसएसीयू (दक्षिणी अफ्रीकी सीमा शुल्क संघ) फ्री-ट्रेड एग्रीमेंट से दोनों क्षेत्रों के बीच व्यापार और निवेश में उल्लेखनीय बढ़ोतरी होगी। उन्होंने इसे भारत और अफ्रीका के किसी क्षेत्रीय गुट के बीच पहला मुक्त व्यापार समझौता बताया।
पहला क्षेत्रीय मुक्त व्यापार समझौता
साक्षात्कार में सूकलाल ने बताया कि एसएसीयू में बोत्सवाना, इस्वातिनी, लेसोथो, नामीबिया और दक्षिण अफ्रीका शामिल हैं। दक्षिण अफ्रीका इस सीमा शुल्क संघ के हिस्से के रूप में व्यापार वार्ता में भाग ले रहा है और दोनों पक्ष बातचीत में तेजी लाने पर सहमत हुए हैं।
20 अरब डॉलर का दोतरफा व्यापार
उच्चायुक्त ने कहा कि भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच दोतरफा व्यापार लगभग 20 अरब डॉलर का है। दक्षिण अफ्रीका, अफ्रीकी महाद्वीप में भारत का सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है, जबकि भारत वैश्विक स्तर पर दक्षिण अफ्रीका का चौथा सबसे बड़ा साझेदार है। यह व्यापार अफ्रीका के साथ भारत के कुल व्यापार का करीब 20% है।
सीआईआई कॉन्क्लेव में गहरे हुए संबंध
उन्होंने बताया कि दक्षिण अफ्रीका के व्यापार, उद्योग एवं प्रतिस्पर्धा मंत्री पार्क्स ताऊ ने हाल ही में सीआईआई भारत-अफ्रीका कॉन्क्लेव में भाग लिया। इस दौरान वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल के साथ द्विपक्षीय बैठक में व्यापार और निवेश को और मजबूत करने पर चर्चा हुई।
ग्लोबल साउथ में भारत की अग्रणी भूमिका
सूकलाल ने कहा कि 2023 में भारत की जी20 अध्यक्षता के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पहल से अफ्रीकी संघ को पूर्ण सदस्यता मिली, जिसकी पूरे अफ्रीका में सराहना हुई। भारत ने ‘वॉयस ऑफ ग्लोबल साउथ समिट’ की शुरुआत कर विकासशील देशों की चिंताओं को प्रमुखता दी।
आईबीएसए और एआई सहयोग पर जोर
उन्होंने बताया कि भारत-ब्राजील-दक्षिण अफ्रीका (आईबीएसए) सहयोग वैश्विक संस्थानों में सुधार की वकालत करता रहा है। हाल ही में जी20 शिखर सम्मेलन के इतर आईबीएसए नेताओं की बैठक में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के क्षेत्र में सहयोग पर भी चर्चा हुई।
जी20 की सामूहिक शक्ति पर भरोसा
दक्षिण अफ्रीका में आयोजित जी20 बैठक में अमेरिका की अनुपस्थिति को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए सूकलाल ने कहा कि शिखर सम्मेलन सफल रहा और व्यापक घोषणा अपनाई गई। उन्होंने कहा कि वैश्विक चुनौतियों से निपटने का एकमात्र प्रभावी तरीका सहयोग है।
एआई शिखर सम्मेलन से बढ़ेगा वैश्विक सहयोग
सूकलाल ने भारत में होने वाले एआई शिखर सम्मेलन को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि यह ग्लोबल साउथ के तकनीकी नेतृत्व को दर्शाता है। इससे एआई प्रशासन में अंतरराष्ट्रीय सहयोग मजबूत होगा।
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