उत्तराखंड के चमोली जिले में मौसम ने करवट ले ली है। गुरुवार देर रात से जिले में रुक-रुककर बारिश हो रही है। वहीं, ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी का दौर शुरू हो गया है। सिखों के पवित्र तीर्थस्थल श्री हेमकुंड साहिब में भी बर्फबारी होने से पूरा क्षेत्र बर्फ की सफेद चादर से ढक गया है। गुरुद्वारा परिसर और आसपास की पहाड़ियां बर्फ से ढकने के बाद बेहद आकर्षक नजर आ रही हैं।
हेमकुंड साहिब में मौसम बदलने के साथ ही ठंड भी बढ़ गई है। ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बारिश और बर्फबारी के कारण तापमान में गिरावट दर्ज की जा रही है। वहीं, जिले के निचले इलाकों में बारिश का सिलसिला जारी है। मौसम में आए इस बदलाव से पहाड़ी क्षेत्रों में सर्दी का असर बढ़ गया है।
बर्फबारी से सफेद हुई हेमकुंड साहिब की वादियां
हेमकुंड साहिब में बर्फबारी के बाद गुरुद्वारा परिसर और आसपास का पूरा इलाका बर्फ से ढक गया है। यहां की पहाड़ियां और प्राकृतिक दृश्य बेहद खूबसूरत दिखाई दे रहे हैं। बर्फबारी के चलते क्षेत्र में मौसम ठंडा हो गया है और लोगों को सर्दी का सामना करना पड़ रहा है।
समुद्र तल से करीब 4,329 मीटर की ऊंचाई पर स्थित हेमकुंड साहिब सिख समुदाय का प्रमुख धार्मिक स्थल है। यहां हर वर्ष बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। कठिन पहाड़ी रास्तों और ऊंचाई के कारण यहां मौसम में होने वाला बदलाव यात्रा को प्रभावित कर सकता है।
10 अक्टूबर को शीतकाल के लिए बंद होंगे कपाट
श्री हेमकुंड साहिब के कपाट 10 अक्टूबर को शीतकाल के लिए बंद किए जाने हैं। कपाट बंद होने से पहले ही धाम में बर्फबारी शुरू हो गई है। मौसम में आए बदलाव को सर्दियों के आगमन का संकेत माना जा रहा है। कपाट बंद होने के बाद क्षेत्र में नियमित तीर्थयात्रा शीतकाल के लिए समाप्त हो जाएगी।
श्रद्धालुओं को सतर्क रहने की सलाह
हेमकुंड साहिब और आसपास के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बारिश तथा बर्फबारी के कारण यात्रा मार्ग पर ठंड बढ़ने और परिस्थितियां चुनौतीपूर्ण होने की आशंका है। ऐसे में श्रद्धालुओं और क्षेत्र में मौजूद अन्य लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है।
प्रशासन और संबंधित विभाग मौसम की स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। यात्रियों को मौसम की जानकारी लेकर ही आगे बढ़ने तथा प्रशासन की ओर से जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है। पहाड़ी क्षेत्रों में मौसम तेजी से बदल सकता है, इसलिए सावधानी बरतना जरूरी है।

