Russia WhatsApp Ban : रूस ने सोशल मीडिया मैसेजिंग एप व्हाट्सएप पर लगाया बैन - Daily Lok Manch PM Modi USA Visit New York Yoga Day
February 12, 2026
Daily Lok Manch
Recent Trending अंतरराष्ट्रीय

Russia WhatsApp Ban : रूस ने सोशल मीडिया मैसेजिंग एप व्हाट्सएप पर लगाया बैन

Russia WhatsApp Ban : मैसेजिंग प्लेटफॉर्म WhatsApp ने गुरुवार को दावा किया कि रूसी सरकार ने उसके प्लेटफॉर्म को ‘पूरी तरह ब्लॉक’ करने की कोशिश की है। कंपनी का कहना है कि यह कदम लोगों को एक सरकारी ‘सुपर ऐप’ की तरफ धकेलने के लिए उठाया गया है। WhatsApp के मुताबिक, रूस में उसके 10 करोड़ से ज्यादा यूजर्स हैं और उन्हें निजी और सुरक्षित संवाद से काटना लोगों की सुरक्षा के लिए उल्टा कदम होगा। वहीं, Telegram के फाउंडर Pavel Durov ने भी कहा कि रूस ने टेलीग्राम के भी इस्तेमाल को सीमित करने की कोशिश कर रही है।

Meta के स्वामित्व वाले WhatsApp ने कहा कि रूसी सरकार एक स्टेट-रन ऐप ‘Max’ को बढ़ावा दे रही है। यह ऐप चीन के WeChat की तर्ज पर बनाया गया है, जिसमें मैसेजिंग के साथ-साथ सरकारी सेवाएं, डॉक्यूमेंट स्टोरेज, बैंकिंग और कई अन्य सुविधाएं भी दी जा रही हैं। Bloomberg और Financial Times की रिपोर्ट के मुताबिक, रूस में लाखों लोग अचानक WhatsApp से कट गए।

WhatsApp ने साफ कहा है कि वह अपने यूजर्स को कनेक्टेड रखने के लिए हर संभव कोशिश कर रहा है। कंपनी का मानना है कि 10 करोड़ से ज्यादा लोगों को प्राइवेट और सिक्योर कम्युनिकेशन से अलग करना “पीछे की ओर कदम” है, जिससे लोगों की सुरक्षा कम होगी।

सिर्फ WhatsApp ही नहीं, बल्कि Telegram पर भी दबाव बढ़ता दिख रहा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, रूस का कम्युनिकेशन वॉचडॉग Roskomnadzor इस हफ्ते Telegram की पहुंच सीमित करने की योजना बना रहा है। Telegram के संस्थापक पावेल दुरोव ने इस कदम को “तानाशाही” करार दिया है। उनका कहना है कि रूस अपने नागरिकों को एक स्टेट-कंट्रोल्ड ऐप पर मजबूर करना चाहता है, जो निगरानी और राजनीतिक सेंसरशिप के लिए बना है।

दुरोव ने साफ कहा कि Telegram स्वतंत्रता और निजता के पक्ष में खड़ा रहेगा, चाहे कितना भी दबाव क्यों न हो। दूसरी तरफ, क्रेमलिन का कहना है कि यह पूरा मामला कानून के पालन से जुड़ा है। सरकार का तर्क है कि विदेशी टेक कंपनियों को रूसी कानूनों का पालन करना चाहिए और अगर वे बातचीत के जरिए सहमति बनाएं तो समाधान संभव है। इससे पहले भी रूस ने विदेशी प्लेटफॉर्म्स पर सूचना साझा न करने के आरोप लगाए थे और कुछ सेवाओं को सीमित किया था।

क्या है ‘Max’ सुपर ऐप?

‘Max’ को रूस एक ऑल-इन-वन डिजिटल प्लेटफॉर्म के रूप में पेश कर रहा है। इसमें मैसेजिंग के साथ सरकारी सेवाएं, बैंकिंग, डिजिटल डॉक्यूमेंट्स और अन्य सार्वजनिक सेवाएं जोड़ी गई हैं। आलोचकों का कहना है कि इससे सरकार को यूजर्स की गतिविधियों पर ज्यादा निगरानी का मौका मिलेगा। सरकार इन आरोपों को खारिज करती रही है।

आम यूजर्स पर क्या असर?

रूस में WhatsApp और Telegram जैसे प्लेटफॉर्म रोजमर्रा की जिंदगी का अहम हिस्सा हैं। बिजनेस कम्युनिकेशन से लेकर निजी बातचीत तक, लाखों लोग इन ऐप्स पर निर्भर हैं। ऐसे में अगर एक्सेस पूरी तरह सीमित होता है, तो लोगों को मजबूरी में सरकारी ऐप की तरफ जाना पड़ सकता है।

Related posts

VIDEO पीएम मोदी की नीली जॉकेट और मल्लिकार्जुन खरगे का खास मफलर बन गया चर्चा में, कांग्रेस अध्यक्ष की बात पर प्रधानमंत्री भी नहीं रोक पाए हंसी, पूरा सदन ठहाकों से गूंजा, देखें वीडियो

admin

Special session new Parliamentary Building : संसद की नई बिल्डिंग में होगा इस बार विशेष सत्र, 18 से 22 सितंबर तक चलेगा

admin

22 सितंबर, शुक्रवार का पंचांग और राशिफल

admin

Leave a Comment