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March 18, 2026
Daily Lok Manch
उत्तराखंड

रायपुर विधायक उमेश शर्मा काऊ ने शिक्षा निदेशालय मारपीट प्रकरण में मांगी सार्वजनिक माफी, बोले- ‘घटना पर गहरा खेद’

प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय में हुई कथित मारपीट की घटना को लेकर सियासी हलकों में जारी चर्चा के बीच रायपुर से विधायक उमेश शर्मा काऊ ने बुधवार को सार्वजनिक रूप से माफी मांग ली। देहरादून भाजपा महानगर कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम में महानगर अध्यक्ष सिद्धार्थ अग्रवाल और सैकड़ों समर्थकों की मौजूदगी में विधायक काऊ ने 21 फरवरी को शिक्षा निदेशालय, रायपुर में हुई घटना पर खेद व्यक्त किया। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि मुकदमे की कानूनी प्रक्रिया अपने स्तर पर जारी रहेगी।
विधायक काऊ ने पहले से तैयार एक लिखित माफीनामा पढ़ते हुए कहा कि वह अपने क्षेत्र में एक विद्यालय के नामकरण को लेकर शिक्षा निदेशालय गए थे। उनका कहना था कि 1.5 बीघा भूमि दान करने वाले परिवार की मांग थी कि विद्यालय का नाम दानदाता स्वर्गीय पदम सिंह रावत के नाम पर रखा जाए। यह मामला काफी समय से लंबित था, जिस कारण संबंधित परिवार के लोग भी उनके साथ निदेशालय पहुंचे थे। उन्होंने कहा कि बातचीत के दौरान माहौल तनावपूर्ण हो गया। “मैंने जनप्रतिनिधि होने के नाते विवाद को शांत कराने का भरसक प्रयास किया, लेकिन इसी दौरान अनजाने में यह घटना हो गई, जिस पर मैं खेद व्यक्त करता हूं,” उन्होंने कहा। काऊ ने आगे कहा, “जनहित के कार्यों में मुझे हमेशा अधिकारियों और कर्मचारियों का सहयोग मिला है। मैंने भी उन्हें सदैव सम्मान दिया है। शनिवार को हुई इस घटना पर मुझे बेहद अफसोस है और मैं संबंधित पक्षों से माफी मांगता हूं।”
उन्होंने यह भी कहा कि वह और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी लगातार अधिकारी-कर्मचारियों के हित में कार्य कर रहे हैं और सरकार कानून व्यवस्था को लेकर गंभीर है। इस पूरे प्रकरण में उन्होंने सभी पक्षों से संयम बरतने की अपील की।
विधायक काऊ ने कहा, “नौडियाल मेरे छोटे भाई की तरह हैं। उन्हें जो चोट लगी है, वह मुझे लगी है। कर्मचारी और अधिकारी मेरा परिवार हैं। उनका अहित हो, ऐसा मैं कभी सोच भी नहीं सकता। कर्मचारी-अधिकारी शिक्षक संघ मोर्चा का आभारी हूं, जिन्होंने इस घटना का राजनीतिकरण नहीं होने दिया।”
मुकदमा वापस लेने पर क्या बोले काऊ?
माफीनामा पढ़ने के बाद जब उनसे पूछा गया कि क्या वह मुकदमा वापस लेने की मांग भी स्वीकार करेंगे, तो उन्होंने कहा कि कानूनी प्रक्रिया अपने तरीके से चलेगी। उन्होंने बताया कि मुकदमा दोनों पक्षों की ओर से दर्ज हुआ है और वापसी की प्रक्रिया भी दोनों तरफ से ही होनी चाहिए।

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