भारतीय रेलवे ने कन्फर्म टिकट के कैंसिलेशन नियमों में बड़ा बदलाव करते हुए यात्रियों के लिए नई व्यवस्था लागू कर दी है। अब टिकट रद्द करने पर मिलने वाला रिफंड पूरी तरह इस बात पर निर्भर करेगा कि यात्री ट्रेन के प्रस्थान से कितने समय पहले टिकट कैंसिल करता है। रेलवे का कहना है कि नए नियमों से प्रक्रिया अधिक पारदर्शी होगी, सिस्टम का दुरुपयोग कम होगा और जरूरतमंद यात्रियों को टिकट मिलने की संभावना बढ़ेगी। साथ ही बोर्डिंग स्टेशन बदलने के नियमों में भी ढील दी गई है, जिससे यात्रियों को आखिरी समय तक सुविधा मिल सकेगी।
समय के हिसाब से तय होगा रिफंड
नए नियमों के तहत यदि यात्री ट्रेन के प्रस्थान से 72 घंटे पहले टिकट रद्द करता है, तो उसे अधिकतम करीब 75 प्रतिशत तक रिफंड मिलेगा। इस स्थिति में केवल निर्धारित कैंसिलेशन चार्ज काटा जाएगा। वहीं, ट्रेन चलने से 72 घंटे से 24 घंटे के बीच टिकट कैंसिल करने पर कुल किराए का 25 प्रतिशत काटा जाएगा।
इसके अलावा, अगर यात्री ट्रेन के प्रस्थान से 24 घंटे से 8 घंटे के बीच टिकट रद्द करता है, तो उसे 50 प्रतिशत तक राशि का नुकसान उठाना पड़ेगा। जबकि ट्रेन चलने से 8 घंटे से कम समय पहले टिकट कैंसिल करने पर कोई रिफंड नहीं मिलेगा। रेलवे का मानना है कि इससे अंतिम समय में टिकट ब्लॉक करने की प्रवृत्ति पर रोक लगेगी।
बोर्डिंग स्टेशन बदलने में बड़ी राहत
रेलवे ने यात्रियों को राहत देते हुए बोर्डिंग स्टेशन बदलने की समय सीमा भी बढ़ा दी है। अब यात्री ट्रेन के निर्धारित समय से 30 मिनट पहले तक अपना बोर्डिंग पॉइंट बदल सकेंगे। यह सुविधा खासकर उन यात्रियों के लिए उपयोगी होगी जो बड़े शहरों में रहते हैं और जहां एक से अधिक रेलवे स्टेशन होते हैं।
पहले यह सुविधा केवल चार्ट तैयार होने से पहले तक ही उपलब्ध थी, लेकिन अब नई व्यवस्था लागू होने के बाद यात्रियों को अंतिम समय तक लचीलापन मिलेगा। इससे यात्रा की योजना बनाना और भी आसान हो जाएगा।
दलालों की गतिविधियों पर लगेगा ब्रेक
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के अनुसार, इन बदलावों का एक बड़ा उद्देश्य टिकट दलालों पर लगाम लगाना भी है। कई मामलों में देखा गया था कि दलाल बड़ी संख्या में टिकट बुक कर लेते थे और बाद में उन्हें कैंसिल कर रिफंड के जरिए फायदा उठाते थे। नए नियमों के लागू होने से ऐसी गतिविधियों पर रोक लगेगी और वास्तविक यात्रियों को टिकट मिलने में आसानी होगी।
यात्रियों के लिए क्या बदलेगा
नए नियम लागू होने के बाद यात्रियों को टिकट कैंसिल करने में अधिक स्पष्टता मिलेगी। समय रहते टिकट रद्द करने पर ज्यादा रिफंड मिलेगा, जबकि अंतिम समय में कैंसिल करने पर नुकसान बढ़ेगा। इससे यात्रियों को अपनी यात्रा योजना पहले से तय करने के लिए प्रोत्साहन मिलेगा। साथ ही टिकट बुकिंग सिस्टम में पारदर्शिता बढ़ेगी और सीटों का बेहतर उपयोग संभव हो सकेगा।

