लंबे समय से अशांति झेल रहे मणिपुर में सरकार गठन की तैयारियां तेज हैं। बीते साल बीरेन सिंह के सीएम पद से इस्तीफे के बाद से राज्य में राष्ट्रपति शासन लागू है। अब पूर्वोत्तर के इस राज्य में राष्ट्रपति शासन की समाप्ति से कुछ दिन पहले सरकार गठन की तैयारियां तेज हैं। इसी बाबत वाई खेमचंद सिंह को मणिपुर भाजपा विधायक दल के नेता चुना गया है। युमनाम खेमचंद सिंह मणिपुर की सिंगजामेई विधानसभा सीट से दो बार विधायक रह चुके हैं। वहीं, सूत्रों के मुताबिक, कुकी समुदाय की महिला नेता नेमचा किपगेन के मणिपुर में नई सरकार बनने पर उप मुख्यमंत्री बनने की संभावना है।भाजपा विधायक वाई. खेमचंद सिंह को मणिपुर विधानसभा में पार्टी के विधायक दल का नेता चुना गया है। यह फैसला दिल्ली में आयोजित मणिपुर भाजपा विधायक दल की बैठक में लिया गया। यह बैठक पूर्वोत्तर राज्य मणिपुर में राष्ट्रपति शासन की अवधि समाप्त होने से कुछ दिन पहले बुलाई गई थी।
मणिपुर में जारी हिंसा के बीच बीरेन सिंह ने बीते साल सीएम पद से इस्तीफा दे दिया था। इसके बाद से वहां राष्ट्रपति शासन लागू था। मणिपुर में पहली बार 13 फरवरी 2025 को छह महीने के लिए राष्ट्रपति शासन लगाया गया था,जिसे बाद में अगस्त 2025 में बढ़ाया गया। कुकी जो और मैतेई समुदाय के बीच जारी तनाव और हिंसा के चलते राज्य में राष्ट्रपति शासन लागू किया गया था। यदि अब भी सरकार का गठन नहीं हो पाता, तो केंद्र सरकार को संसद के बजट सत्र के दौरान राष्ट्रपति शासन बढ़ाने के लिए दोनों सदनों में वैधानिक प्रस्ताव लाना पड़ता।

युमनाम खेमचंद के नाम पर क्या बोले भाजपा विधायक
भाजपा विधायक थोकचोम राधेश्याम सिंह ने विधायक दल का नेता चुने जाने पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि यह अच्छी बात है कि हमें एक निर्वाचित और लोकप्रिय सरकार मिलने जा रही है। इसमें काफी देरी हो चुकी थी,इसलिए हम इस पहल के लिए केंद्र सरकार का आभार व्यक्त करते हैं। हर समस्या का समाधान होता है। मुझे विश्वास है कि केंद्र सरकार के मार्गदर्शन और युमनाम खेमचंद के नेतृत्व में बनने वाली नई सरकार के साथ हम समाधान निकाल पाएंगे।

