महाराष्ट्र के डिप्टी CM अजित पवार का निधन हो गया है। वे 66 साल के थे। बुधवार सुबह 8.45 बारामती में उनका प्लेन क्रैश हो गया। शुरुआती जानकारी के मुताबिक बारामती एयरपोर्ट पर लैंडिंग के दौरान यह हादसा हुआ। प्लेन में अजित पवार के साथ मौजूद उनके पर्सनल असिस्टेंट, सुरक्षाकर्मी और प्लेन स्टाफ समेत 5 लोगों की जान गई है।
बारामती में भीषण विमान हादसा: अजित पवार का प्लेन क्रैश होते ही जोरदार ब्लास्ट, CCTV में कैद मौत का मंजर; चारों तरफ मलबा, धुआं और चीख-पुकार देखें Live 2 CCTV Footage 👇
पहले लड़खड़ाया, फिर एक ओर झुका और फिर पलभर में तबाही… सामने आया अजित पवार के प्लेन क्रैश का नया वीडियो, गिरते ही विमान बना आग का गोला👇

अब तक मिली जानकारी के अनुसार पवार मुंबई से चार्टर्ड प्लेन में बारामती गए थे। वहां लैंडिंग के दौरान प्लेन रनवे से फिसल गया। नागरिक उड्डयन महानिदेशालय DGCA ने हादसे में 5 लोगों के मारे जाने की पुष्टि की है। थोड़ी देर पहले 6 लोगों के मारे जाने की खबर आई थी।
अजित पवार महाराष्ट्र पंचायत चुनाव के लिए बारामती में जनसभा को संबोधित करने जा रहे थे। शरद पवार मुंबई और सुप्रिया सुले दिल्ली में थे। हादसे की जानकारी मिलते ही वे पूरे परिवार के साथ बारामती के लिए रवाना हो गए। परिवार के बाकी लोग उनके मुंबई आवास के लिए रवाना हो गए हैं।

अजित पवार के निधन की खबर मिलते ही पीएम ने CM देवेंद्र फडणवीस से हादसे की जानकारी ली। उन्होंने X पर लिखा- अजित पवार जी जनता के नेता थे, जिनका ज़मीनी स्तर पर मजबूत जुड़ाव था। महाराष्ट्र के लोगों की सेवा करने में सबसे आगे रहने वाले एक मेहनती व्यक्तित्व के तौर पर उनका बहुत सम्मान किया जाता था। प्रशासनिक मामलों की उनकी समझ और गरीबों और वंचितों को सशक्त बनाने का उनका जुनून भी काबिले तारीफ था। उनका असमय निधन बहुत चौंकाने वाला और दुखद है। उनके परिवार और अनगिनत प्रशंसकों के प्रति संवेदनाएँ। ओम शांति।

गांव के लोग बोले- गिरते ही विमान में धमाका हुआ
बारामती एयरपोर्ट के पास एक प्रत्यक्षदर्शी ने बताया- मैंने अपनी आंखों से देखा, यह बहुत तकलीफदेह था। जब एयरक्राफ्ट फिसला, तभी लगा था कि वह क्रैश हो जाएगा औैर ऐसा ही हुआ। विमान गिरते ही बड़ा धमाका हुआ। इसके तुरंत बाद हम इस तरफ दौड़े और देखा कि एयरक्राफ्ट तो आग का गोला बन चुका था। इसके बाद विमान में 4 से 5 धमाके और हुए। फिर कई लोग पहुंचे और विमान से लोगों को निकालने की कोशिश की, लेकिन आग इतनी ज्यादा थी कि हम कुछ नहीं कर पाए। अजित पवार विमान में सवार थे और जो हुआ, उसे देखना बहुत दुखभरा था। मैं इसे शब्दों में नहीं बता सकता।
22 जुलाई 1959 को आशा और अनंतराव पवार के घर जन्मे अजित पवार ने 1982 में अपने चाचा (उनके पिता के छोटे भाई) शरद पवार के नक्शेकदम पर चलते हुए राजनीति में कदम रखा, जब उन्हें एक चीनी मिल के बोर्ड में चुना गया।
रिकॉर्ड छह बार महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री रहे अजित पवार कभी मुख्यमंत्री नहीं बन पाए। अनुभवी राजनेता, अजित पवार ने कभी भी राज्य का मुख्यमंत्री बनने की अपनी इच्छा नहीं छिपाई। जुलाई 2023 में BJP और शिवसेना गठबंधन सरकार में शामिल होने से पहले, वे नवंबर 2019 में उपमुख्यमंत्री थे जब देवेंद्र फडणवीस मुख्यमंत्री थे, लेकिन उनकी सरकार मुश्किल से दो दिन चली।
अजित पवार मौजूदा सरकार में वित्त और योजना मंत्री थे। अगले महीने 23 फरवरी को मुंबई में राज्य विधानमंडल का बजट सत्र शुरू होने पर 2026-27 का बजट पेश करने वाले थे।
अब तक मिली जानकारी के अनुसार, मुंबई से एक प्राइवेट चार्टर्ड प्लेन में सवार थे। बारामती में लैंडिंग के दौरान प्लेन रनवे से उतर गया। प्लेन में अजित पवार के साथ उनके पर्सनल असिस्टेंट, सुरक्षाकर्मी और प्लेन स्टाफ की भी जान गई है।
अजित पवार का पारिवारिक-राजनीति जीवन
- अजित पवार की शादी सुनेत्रा पवार से हुई, जिनसे उनके दो बेटे जय और पार्थ पवार हैं। 1982 में, अजीत पवार ने एक सहकारी चीनी कारखाने के बोर्ड के लिए चुने जाने के बाद अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत की।
- 1991 में, उन्हें पुणे जिला केंद्रीय सहकारी बैंक का अध्यक्ष चुना गया। वह 1991 में पहली बार बारामती संसदीय क्षेत्र से लोकसभा के लिए चुने गए और बाद में अपने चाचा शरद पवार के लिए यह सीट खाली कर दी।
- अजित बारामती विधानसभा क्षेत्र से 7 बार महाराष्ट्र विधानसभा के लिए चुने गए। उन्होंने पहली बार 1991 के उपचुनाव में जीत हासिल की और उसके बाद 1995, 1999, 2004, 2009 और 2014 में जीत हासिल की।
- नवंबर 2019 में, उन्होंने NCP में फूट डाली और भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व वाली सरकार में शामिल हो गए और उपमुख्यमंत्री बने।
- फरवरी 2024 में, चुनाव आयोग ने पार्टी का नाम और चुनाव चिन्ह अजीत पवार के गुट को दे दिया।




