Nobel prize peace 2022 : इस साल का शांति नोबेल प्राइज ह्यूमन राइट्स कार्यकर्ता समेत दो मानवाधिकार संगठनों को मिलेगा - Daily Lok Manch PM Modi USA Visit New York Yoga Day
March 24, 2026
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अंतरराष्ट्रीय

Nobel prize peace 2022 : इस साल का शांति नोबेल प्राइज ह्यूमन राइट्स कार्यकर्ता समेत दो मानवाधिकार संगठनों को मिलेगा

भारत समेत दुनिया भर के मानवाधिकार संगठन (ह्यूमन राइट्स) में खुशी की लहर है। इसकी वजह है कि साल 2022 का नोबेल शांति (पीस) प्राइज एक मानवाधिकार कार्यकर्ता और दो मानवाधिकार से जुड़े संगठनों को दिया जाएगा। शुक्रवार को शांति पुरस्कार के एलान के समय इसकी जानकारी दी गई। ‌ बेलारूस के ह्यूमन राइट्स एडवोकेट आलिस बिलिआत्स्के को इस पुरस्कार के लिए चुना गया है। नॉर्वे की राजधानी ओस्लो में इस पुरस्कार का एलान किया गया। आलिस के अलावा रशियन ह्यमून राइट्स ऑर्गनाइजेशन मेमोरियल और यूक्रेनियन ह्यूमन राइट्स ऑर्गनाइजेशन सेंटर फॉर सिविल लिबर्टीज को दिया गया है। ये दोनों ही संस्थान मानवाधिकार के लिए काम करते हैं। 1980 के दशक के मध्य में आलिस बिलिआत्स्के बेलारूस में उभरे लोकतंत्र आंदोलन की शुरूआत करने वालों में से एक थे। उन्होंने अपना जीवन अपने देश में लोकतंत्र और शांतिपूर्ण विकास को बढ़ावा देने के लिए समर्पित कर दिया। उन्होंने 1996 में Viasna (वसंत) संगठन की स्थापना की। Viasna एक मानवाधिकार संगठन के रूप में विकसित हुआ, जिसने राजनीतिक कैदियों पर होने वाले अत्‍याचारों के खिलाफ आवाज़ उठाई।

2. Memorial

1987 में, मानवाधिकार संगठन Memorial पूर्व सोवियत संघ में मानवाधिकार कार्यकर्ताओं द्वारा स्थापित किया गया था। इसका उद्देश्‍य यह सुनिश्चित करना था कि कम्युनिस्ट शासन के उत्पीड़न के शिकार लोगों को कभी नहीं भुलाया जाएगा। Chechen युद्धों के दौरान, Memorial ने रूस और रूसी समर्थक बलों द्वारा लोगों पर किए गए अत्‍याचारों और युद्ध अपराधों के बारे में जानकारी पूरी दुनिया तक पहुंचाई।


3. The Center for Civil Liberties

यूक्रेन में मानवाधिकारों और लोकतंत्र को मजबूत बनाने के उद्देश्य से सेंटर फॉर सिविल लिबर्टीज़ की स्‍थापना की गई थी। इसने यूक्रेन के नागरिक समाज को मजबूत करने और अधिकारियों पर यूक्रेन को एक पूर्ण लोकतंत्र बनाने के लिए दबाव बनाने का स्टैंड लिया। संगठन ने फरवरी 2022 में यूक्रेन पर रूस की सैन्‍य कार्यवाही के बाद, यूक्रेनी आबादी के खिलाफ रूसी युद्ध अपराधों की पहचान करने और उनके दस्तावेज जमा करने का काम निडरता से किया है। संगठन दोषी पक्षों को उनके अपराधों के लिए जवाबदेह ठहराने में अग्रणी भूमिका निभा रहा है।

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