Uttarakhand DIPR
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October 11, 2026
Daily Lok Manch
राष्ट्रीय

आज से संसद का मानसून सत्र, सत्ता और विपक्ष के बीच मुद्दों पर होगी बड़ी बहस

संसद का मानसून सत्र सोमवार से शुरू हो रहा है। यह सत्र 13 अगस्त तक चलेगा। कुल 25 दिनों के इस सत्र में 19 बैठकें आयोजित की जाएंगी, जिनमें सरकार कई महत्वपूर्ण विधेयकों और नीतिगत मुद्दों को सदन के सामने रखेगी। वहीं विपक्ष भी महंगाई, बेरोजगारी, किसानों के मुद्दे, राष्ट्रीय सुरक्षा, विदेश नीति और अन्य जनहित के विषयों पर सरकार को घेरने की तैयारी में है। ऐसे में इस बार का मानसून सत्र राजनीतिक दृष्टि से काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

सत्र शुरू होने से एक दिन पहले रविवार को संसद भवन परिसर में सर्वदलीय बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता रक्षा मंत्री एवं वरिष्ठ केंद्रीय मंत्री राजनाथ सिंह ने की। इस बैठक में 40 राजनीतिक दलों के 50 से अधिक नेताओं ने भाग लिया। सरकार ने सभी दलों से संसद की कार्यवाही को सुचारु रूप से चलाने और महत्वपूर्ण विषयों पर सकारात्मक एवं रचनात्मक चर्चा में सहयोग देने की अपील की।

बैठक के बाद संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि सरकार हर महत्वपूर्ण विषय पर चर्चा के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में संसद संवाद और विमर्श का सर्वोच्च मंच है, इसलिए सभी राजनीतिक दलों को जनहित के मुद्दों पर गंभीर और रचनात्मक भागीदारी सुनिश्चित करनी चाहिए। उन्होंने उम्मीद जताई कि सभी दल संसद की गरिमा बनाए रखते हुए निर्बाध कार्यवाही में सहयोग करेंगे।

उधर, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने भी रविवार को लोकसभा की कार्य मंत्रणा समिति की बैठक की अध्यक्षता की। इस बैठक में सरकार और विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों ने मानसून सत्र के दौरान प्रस्तावित विधायी कार्यों, चर्चा के विषयों और सदन के एजेंडे पर विस्तार से विचार-विमर्श किया। बैठक में सदन की कार्यवाही को व्यवस्थित और प्रभावी ढंग से संचालित करने के लिए विभिन्न सुझाव भी सामने आए।

लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा कि संसद लोकतांत्रिक परंपराओं का सर्वोच्च मंच है और यहां स्वस्थ संवाद, सार्थक बहस तथा जनहित से जुड़े विषयों पर गंभीर चर्चा होनी चाहिए। उन्होंने सभी सांसदों से आग्रह किया कि वे उच्चतम संसदीय मर्यादाओं का पालन करते हुए सदन की कार्यवाही में सक्रिय और रचनात्मक भूमिका निभाएं, ताकि जनता की अपेक्षाओं के अनुरूप महत्वपूर्ण निर्णय लिए जा सकें।

इस मानसून सत्र में सरकार कई महत्वपूर्ण विधेयकों को पेश करने की तैयारी में है। साथ ही विभिन्न मंत्रालयों से जुड़े मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है। दूसरी ओर विपक्ष भी कई राष्ट्रीय और जनहित के विषयों पर सरकार से जवाब मांगने की रणनीति बना चुका है। ऐसे में आगामी दिनों में संसद के दोनों सदनों में कई अहम मुद्दों पर तीखी लेकिन लोकतांत्रिक बहस देखने को मिल सकती है।

संसद के इस सत्र पर पूरे देश की निगाहें टिकी हैं, क्योंकि यहां लिए जाने वाले निर्णयों का सीधा असर देश की नीतियों, विकास योजनाओं और आम नागरिकों के जीवन पर पड़ेगा। सरकार और विपक्ष दोनों ने सकारात्मक चर्चा की बात कही है, अब सभी की नजर इस बात पर रहेगी कि सदन की कार्यवाही कितनी सुचारु और परिणामकारी रहती है।

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