मकर संक्रांति के पावन अवसर पर उत्तराखंड में आस्था का जनसैलाब उमड़ पड़ा है। हरिद्वार में बुधवार सुबह 4 बजे से ही लाखों श्रद्धालु गंगा स्नान के लिए पहुंचने लगे। हरकी पैड़ी पर अब तक एक लाख से अधिक श्रद्धालु स्नान कर चुके हैं। ठंड और घने कोहरे के बावजूद श्रद्धालुओं की आस्था में कोई कमी नजर नहीं आई। बागेश्वर और हल्द्वानी में भी गंगा स्नान, त्रिवेणी संगम स्नान और उत्तरायणी पर्व को लेकर सुबह से भारी भीड़ देखी जा रही है। बागेश्वर में तापमान शून्य से नीचे (-1 डिग्री सेल्सियस) पहुंचने के बावजूद श्रद्धालुओं ने सरयू घाट पर आस्था की डुबकी लगाई।

उत्तरकाशी के मणिकर्णिका घाट पर पारंपरिक देव डोलियों के साथ धार्मिक उत्सव मनाया गया। देव डोलियों की शोभायात्रा के बाद विधिवत स्नान कराया गया, जिससे पूरे क्षेत्र में भक्तिमय माहौल बन गया।

हरिद्वार में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। जिला पुलिस के 400 जवानों के साथ पीएसी की तीन कंपनियां और अन्य जनपदों से आए करीब 1000 अतिरिक्त जवान तैनात किए गए हैं। मेला क्षेत्र में सीसीटीवी कैमरों से निगरानी की जा रही है, जबकि शहर में भारी वाहनों की नो-एंट्री लागू कर दी गई है। ठंड को देखते हुए हरकी पैड़ी पर एम्बुलेंस और मेडिकल टीमें भी तैनात की गई हैं। उत्तरकाशी में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी देव डोलियों के साथ ऐतिहासिक माघ मेले का उद्घाटन करेंगे। वहीं चमोली जिले में स्थित आदि बदरी मंदिर के कपाट मकर संक्रांति के अवसर पर सुबह साढ़े पांच बजे वैदिक परंपराओं के अनुसार श्रद्धालुओं के दर्शन के लिए खोल दिए गए।
कुमाऊं मंडल में उत्तरायणी पर्व और बागेश्वर के त्रिवेणी संगम में पवित्र स्नान के चलते पूरे प्रदेश में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ और उत्साह का माहौल बना हुआ है।

