देहरादून में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रस्तावित दौरे से चार दिन पहले सुरक्षा एजेंसियों ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक संदिग्ध आतंकी को गिरफ्तार किया है। स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने ऑपरेशन ‘प्रहार’ के तहत प्रेमनगर क्षेत्र से विक्रांत कश्यप नाम के युवक को पकड़ा, जो कथित तौर पर पाकिस्तान में बैठे हैंडलर्स के संपर्क में रहकर देश विरोधी गतिविधियों की साजिश रच रहा था। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी सोशल मीडिया के जरिए पाकिस्तानी डॉन शहजाद भट्टी से जुड़ा था और उसी के निर्देश पर काम कर रहा था।
STF और देहरादून पुलिस की संयुक्त टीम ने आरोपी के पास से .32 बोर की अवैध पिस्टल, सात जिंदा कारतूस, स्प्रे पेंट की कैन और एक मोबाइल फोन बरामद किया है। जांच एजेंसियों का मानना है कि यही मोबाइल उसके नेटवर्क का मुख्य माध्यम था। डिजिटल साक्ष्यों को सुरक्षित कर फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है, ताकि उसके संपर्कों और संभावित साजिश की पूरी जानकारी जुटाई जा सके।
पूछताछ में सामने आया कि आरोपी को देहरादून के सैन्य और सरकारी ठिकानों की लोकेशन, फोटो और वीडियो जुटाकर पाकिस्तान भेजने का टास्क दिया गया था। इसके अलावा उसे शहर के अलग-अलग स्थानों पर तहरीक-ए-तालिबान-हिंदुस्तान (TTH) लिखकर दहशत फैलाने के निर्देश भी मिले थे। बताया जा रहा है कि आरोपी ने सेलाकुई क्षेत्र में सुभारती हॉस्पिटल के पास एक फैक्ट्री की दीवार पर स्प्रे पेंट से “TTH” लिखकर उसका वीडियो बनाया और हैंडलर को भेजा। इसी तरह अडवानी पुल और झाझरा स्थित बालाजी मंदिर के पास भी उसने इस तरह की गतिविधियां कीं।
जांच एजेंसियों के अनुसार विक्रांत कश्यप पहले 2024-25 के दौरान पंजाब के नाभा में रहकर ट्रक बॉडी बनाने का काम करता था। वहीं से उसके संपर्क विकसित हुए और बाद में वह सोशल मीडिया के जरिए पाकिस्तानी हैंडलर से जुड़ गया। धीरे-धीरे उसे संवेदनशील स्थानों की रेकी करने और संगठन का नाम फैलाने के लिए निर्देश दिए जाने लगे। यह भी सामने आया है कि उसे बड़े हमलों की तैयारी में शामिल करने की योजना थी, जिससे संकेत मिलता है कि उसे सक्रिय ऑपरेशन के लिए तैयार किया जा रहा था।
पूछताछ में आरोपी ने यह भी स्वीकार किया कि उसे इन गतिविधियों के बदले नेपाल के रास्ते दुबई भेजने और मोटी रकम देने का लालच दिया गया था। इसी लालच में आकर वह देश विरोधी कामों में शामिल हो गया। एजेंसियां अब इस इंटरनेशनल नेटवर्क और संभावित सहयोगियों की भी जांच कर रही हैं। यह भी खंगाला जा रहा है कि उसने किन-किन संवेदनशील ठिकानों की जानकारी पहले ही भेज दी है।
आईजी STF निलेश आनंद भरने ने बताया कि ऑपरेशन ‘प्रहार’ के तहत संदिग्ध गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जा रही थी। खुफिया इनपुट के आधार पर कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार किया गया। उन्होंने कहा कि आरोपी पाकिस्तान से निर्देश लेकर राज्य में अस्थिरता फैलाने की साजिश में जुटा था। मामले में आगे की जांच जारी है और नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की पहचान की जा रही है।

