77वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर देहरादून के परेड मैदान में राज्य स्तरीय मुख्य समारोह का आयोजन किया गया। इस अवसर पर राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेनि) ने राष्ट्रीय ध्वज फहराया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी उपस्थित रहे। समारोह के दौरान विभिन्न विभागों द्वारा आकर्षक झांकियां प्रस्तुत की गईं, जिन्होंने प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत और विकास यात्रा को दर्शाया।
राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह ने प्रदेशवासियों को गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं देते हुए राष्ट्रपिता महात्मा गांधी, भारतीय संविधान के प्रमुख शिल्पी भारत रत्न बाबासाहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर एवं सभी संविधान निर्माताओं को नमन किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने डिजिटल अर्थव्यवस्था, स्टार्टअप संस्कृति, रक्षा उत्पादन, अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी, हरित ऊर्जा और सैन्य शक्ति के क्षेत्र में वैश्विक स्तर पर अपनी सशक्त पहचान बनाई है।
राज्यपाल ने कहा कि भारत की प्रगति यात्रा में देवभूमि उत्तराखंड भी पूरे सामर्थ्य के साथ सहभागी बना है। राज्य में सड़क, रेल, हवाई कनेक्टिविटी, डिजिटल सेवाओं और निवेश जैसे क्षेत्रों में उल्लेखनीय प्रगति हुई है। केंद्र और राज्य सरकार के समन्वय से उत्तराखंड तेजी से विकास के नए आयाम छू रहा है। उन्होंने योग और आयुर्वेद को राज्य की आत्मा बताते हुए उत्तराखंड को योग-भूमि और वेलनेस हब के रूप में विकसित करने तथा अध्यात्म का वैश्विक केंद्र बनाने के संकल्प की बात कही।
राज्यपाल ने मातृशक्ति की भूमिका को रेखांकित करते हुए कहा कि उत्तराखंड की महिलाएं और बेटियां शिक्षा, सेना, खेल और उद्यमिता सहित हर क्षेत्र में सफलता के नए कीर्तिमान स्थापित कर रही हैं। समान नागरिक संहिता (यूसीसी) के माध्यम से राज्य ने महिलाओं को सुरक्षा और समानता का मजबूत कानूनी आधार प्रदान किया है। साथ ही, प्रशासनिक पारदर्शिता, आपदा प्रबंधन, स्वास्थ्य सेवाओं और शिक्षा में तकनीक के बढ़ते उपयोग पर भी उन्होंने प्रकाश डाला।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी प्रदेशवासियों को गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों, संविधान निर्माताओं और राज्य आंदोलनकारियों को नमन करते हुए कहा कि गणतंत्र दिवस हमारे संविधान के निर्माण का महापर्व है, जो हमें न्याय, स्वतंत्रता, समानता और भाईचारे के लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति प्रतिबद्ध रहने की प्रेरणा देता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के संकल्प को साकार करने और उत्तराखंड को देश का सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाने के लिए राज्य सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि 21वीं सदी का तीसरा दशक उत्तराखंड का दशक होगा, जिससे प्रदेशवासियों में नई ऊर्जा और उत्साह का संचार हुआ है। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार जनसेवा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए यह सुनिश्चित कर रही है कि जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे। समान नागरिक संहिता लागू कर उत्तराखंड ने देश के लिए एक नई दिशा तय की है। साथ ही, तीर्थ यात्राओं के बेहतर प्रबंधन, चारधाम यात्रा की सुविधाओं के विस्तार और मानसखंड मंदिर माला मिशन के माध्यम से धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा दिया जा रहा है। आर्थिक सुदृढ़ता के उद्देश्य से शीतकालीन यात्रा की शुरुआत भी की गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उद्योगों और निवेश को प्रोत्साहित करने के लिए राज्य में उद्योग-अनुकूल वातावरण बनाया जा रहा है। नीति आयोग की निर्यात तैयारी सूचकांक में उत्तराखंड ने छोटे राज्यों की श्रेणी में प्रथम स्थान प्राप्त कर प्रदेश की आर्थिक प्रगति को नई पहचान दिलाई है।

