world happiness country दुनिया के सबसे खुशहाल देशों की जारी हुई सूची, "फिनलैंड रहा नंबर वन", जानिए इंडेक्स की रिपोर्ट के मुताबिक भारत कितना खुश है और सबसे ज्यादा "नाखुश" कौन सा देश है - Daily Lok Manch PM Modi USA Visit New York Yoga Day
March 2, 2026
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world happiness country दुनिया के सबसे खुशहाल देशों की जारी हुई सूची, “फिनलैंड रहा नंबर वन”, जानिए इंडेक्स की रिपोर्ट के मुताबिक भारत कितना खुश है और सबसे ज्यादा “नाखुश” कौन सा देश है

एक बार भारत विश्व में अपने आप को सबसे खुशहाल देशों की रैंकिंग में अच्छा प्रदर्शन नहीं कर सका। हालांकि भारत ने पिछले वर्ष की अपेक्षा इस बार तीन पायदान की उछाल मारी है लेकिन अभी भी विश्व खुशहाल देशों की रैंकिंग में काफी पीछे है। इस साल यूरोप के देश फिनलैंड पूरी दुनिया में सबसे ज्यादा खुशहाल यानी हैप्पीनेस देश रहा है। विश्व हैप्पीनेस देशों की रैंकिंग जारी कर दी गई है। जिसमें फिनलैंड नंबर -1 रहा। वहीं एशिया का कोई भी देश टॉप 20 में भी अपनी जगह नहीं बना सका। इस साल के इंडेक्स के मुताबिक, फिनलैंड नंबर एक पर है तो दूसरा स्थान डेनमार्क को मिला है। तीसरे नंबर पर आइसलैंड है जो कि दुनियाभर में अपनी खूबसूरत वादियों के लिए मशहूर है। इस देश को पर्यटकों का प्रमुख आकर्षण माना जाता है। इस रैंकिंग में इजरायल चौथे और नीदरलैंड पांचवें नंबर है। इस बार चौथे नंबर पर आया इजरायल पिछली बार 9वें नंबर पर था। 150 देशों की इस लिस्ट में भारत 136वें नंबर पर है। भारत की रैंकिंग में 3 स्थानों का उछाल आया है। पिछली बार वह 139वें स्थान पर था। हैप्पीनेस रैंकिंग में छठें स्थान पर स्वीडन, सातवें पर नॉर्वे, आठवें पर स्विट्जरलैंड, 9वें पर लक्जमबर्ग और 10वें पर न्यूजीलैंड है। इनमें से कोई भी एशियाई देश नहीं है। अमेरिका इस लिस्ट में 15वें नंबर पर है और ब्रिटेन 19वें स्थान पर है। वहीं अफगानिस्तान को दुनिया में सबसे नाखुश देश माना जाता है। वह इस सूची में 146वें स्थान पर है।

इस सूची में नेपाल (84), बांग्लादेश (94), पाकिस्तान (121) और श्रीलंका (127) स्थान पर है। इस साल की रैंकिंग में 150 से ज्यादा देशों के इन डेटा का अध्ययन करने के बाद लिस्ट तैयार की गई है। इस बार 2020 से 2022 तक देशों के औसत जीवन मूल्यांकन के आधार पर रिपोर्ट तैयार की गई है। यह रिपोर्ट संयुक्त राष्ट्र स्थायी विकास उपाय नेटवर्क द्वारा जारी की गई है और इसमें कहीं कहीं, सामाजिक सहयोग, व्यक्तिगत स्वतंत्रता और प्रत्येक देश में भ्रष्टाचार के स्तरों जैसे कारकों पर ध्यान देते हुए खुशी के स्तरों का मूल्यांकन किया जाता है। कोरोना काल के दौरान साल 2020 से 2022 के बीच यह रैंकिंग जारी नहीं की गई थी। इस साल की रैंकिंग में 150 से ज्यादा देशों के इन डेटा का अध्ययन करने के बाद लिस्ट तैयार की गई है। इस बार 2020 से 2022 तक देशों के औसत जीवन मूल्यांकन के आधार पर रिपोर्ट तैयार की गई है।

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