आज पड़ रहा चंद्र ग्रहण देशभर में चर्चा का विषय बना हुआ है। शाम को चंद्रोदय के साथ ही भारत के अलग-अलग शहरों में आसमान में चंद्र ग्रहण का दृश्य दिखाई देने लगेगा। वैज्ञानिकों के अनुसार इसे खुली आंखों से देखा जा सकता है और इसके लिए टेलीस्कोप की जरूरत नहीं है। जो लोग घर से बाहर नहीं निकलना चाहते, वे ऑनलाइन प्लेटफॉर्म Timeanddate.com पर इसका लाइव स्ट्रीम भी देख सकते हैं।
सूतक काल का समय
चंद्र ग्रहण शुरू होने से 9 घंटे पहले सूतक काल आरंभ हो जाता है। इस ग्रहण का सूतक काल सुबह 6 बजकर 20 मिनट से शुरू हो चुका है। यह ग्रहण समाप्ति के साथ शाम 6 बजकर 46 मिनट पर खत्म होगा। सूतक काल के दौरान धार्मिक मान्यताओं के अनुसार मंदिरों के कपाट बंद रखे जाते हैं और पूजा-पाठ व शुभ कार्य नहीं किए जाते।
सावधानियां
धार्मिक परंपराओं के अनुसार ग्रहण के समय घर से बाहर निकलने से परहेज करने, भोजन पकाने या खाने से बचने और अनावश्यक मेल-मिलाप न करने की सलाह दी जाती है। हालांकि वैज्ञानिक दृष्टि से चंद्र ग्रहण को सुरक्षित माना जाता है और इसे नंगी आंखों से देखने में कोई खतरा नहीं है।
धार्मिक आयोजनों पर असर
Mathura में होली की तैयारियों के बीच पड़ रहे चंद्र ग्रहण का असर धार्मिक आयोजनों पर भी दिखाई देगा। ग्रहण के कारण ब्रज के अधिकांश प्रमुख मंदिरों में होली उत्सव स्थगित रहेगा और मंदिर सुबह से बंद रहेंगे। हालांकि, चतुर्वेदी समाज द्वारा निकाला जाने वाला पारंपरिक होली डोला कार्यक्रम सीमित रूप में आयोजित किया जा सकता है। लोग अपने-अपने शहरों में चंद्रोदय के समय के अनुसार आसमान में इस खगोलीय घटना का नजारा देख सकेंगे।
Chandra Grahan 2026 Live Updates: साल का पहला चंद्र ग्रहण लग चुका है. भारतीय समयानुसार, यह चंद्र ग्रहण दोपहर 3 बजकर 20 मिनट से लेकर शाम को 6 बजकर 46 मिनट तक रहने वाला है. चंद्र ग्रहण भारत में भी दिखाई देगा. इसलिए इसका सूतक काल भी जारी है, जो ग्रहण के साथ ही खत्म होगा. चंद्र ग्रहण सिंह राशि और पूर्वाफाल्गुनी नक्षत्र में लगा है. भारत में यह चंद्र ग्रहण ‘ग्रस्तोदित’ रूप में नजर आने वाला है. यानी भारत में जब चंद्रोदय होगा, उससे पहले ही ग्रहण चंद्रमा को ग्रस लेगा. भारत में चंद्र ग्रहण दिखने का समय आज शाम 06 बजकर 26 मिनट से लेकर शाम 6 बजकर 46 मिनट तक बताया गया है. आइए इस चंद्र ग्रहण से जुड़ा हर बड़ा अपडेट आपको बताते हैं।
03.53 PM: कितने बजे दिखेगा ब्लड मून?
जब चंद्रमा पूरी तरह पृथ्वी के छाया में आ जाता है, तब पूर्ण चंद्र ग्रहण लगता है. इस दौरान पृथ्वी से चंद्रमा लाल रंग का दिखाई पड़ता है. वैज्ञानिकों की भाषा में इसे ही ब्लड मून कहा जाता है. आज भी दुनिया के कई हिस्सों में ब्लड मून का नजारा आसमान में दिखाई देगा. शाम 4 बजकर 34 मिनट से लेकर शाम 5 बजकर 33 मिनट तक चंद्रमा का पूरा या अधिकांश हिस्सा पृथ्वी की छाया से ढक जाएगा. इस वक्त ही लोगों को ब्लड मून का दृश्य दिखाई देगा.
तुलसी दल क्यों है उपयोगी?
03.49 PM: चंद्र ग्रहण का सूतक काल शुरू होने से पहले खाने-पीने की चीजों में तुलसी का पत्ता डालकर रख दिया जाता है. इस बारे में ज्योतिषविद नंदिता पांडेय ने बताया कि तुलसी के पौधे में बहुत स्ट्रॉन्ग प्रॉपर्टीज होती हैं. भगवान विष्णु की विशेष कृपा भी तुलसी पर रहती है. इसलिए खाने-पीने की चीजों में तुलसी दल डालने से ग्रहण का नकारात्मक प्रभाव उस पर नहीं होता है. अगर तुलसी नहीं है तो आप कुशा घास या फूल वाली लॉन्ग बी खाने में डालकर रख सकते हैं.
03.40 PM: चंद्र ग्रहण के बाद क्या करें?
ज्योतिषाचार्य राजकुमार शास्त्री का कहना है कि 3 मार्च का चंद्र ग्रहण भारत में भी दिख रहा है. इसलिए सभी को अपना ख्याल रखने की जरूरत है. हालांकि सिंह राशि और पूर्वाफाल्गुनी नक्षत्र में पैदा हुए लोगों को विशेषतौर पर ख्याल रखना होगा. ग्रहण काल में खिड़की दरवाजों को बंद रखें. घर से बाहर न जाएं. सिंह राशि के स्वामी सूर्य हैं तो इन्हें सूर्य देव की उपासना करनी चाहिए. आदित्य हृदय स्रोत का पाठ करना चाहिए.
03.30 PM: भारत में कितने बजे दिखेगा चंद्र ग्रहण?
3 मार्च को भारत में चंद्रोदय का समय शाम को करीब 06 बजकर 26 मिनट पर बताया गया है. चंद्रोदय होते ही भारत के कई हिस्सों में चंद्र ग्रहण नजर आने लगेगा. इसके बाद शाम 6 बजकर 46 मिनट तक चंद्र ग्रहण दिखाई देगा.
03.24 PM: चंद्र ग्रहण का समय
चंद्र ग्रहण आरंभ- दोपहर 3 बजकर 20 मिनट पर
चंद्र ग्रहण समाप्त- शाम 6 बजकर 46 मिनट पर
पूर्ण चंद्र ग्रहण (टोटैलिटी): शाम 4 बजकर 34 मिनट से लेकर शाम 5 बजकर 33 मिनट तक
सूतक काल शुरू– सुबह 6 बजकर 20 मिनट पर
सूतक काल समाप्त– शाम 6 बजकर 46 मिनट पर
03.15 PM: ग्रहण का युद्ध से क्या कनेक्शन क्या है?
पंडित अजय भांबी ने बताया कि जिस भी देश में ग्रहण दिखाई देता है, वहां निश्चित तौर पर उसका प्रभाव होता है. व्यक्तिगत तौर पर जिन लोगों की कुंडली में ग्रहों की दशा खराब है या कोई दोष लगा हुआ है, उन पर असर ज्यादा रहता है. उन्होंने आगे बताया कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का जन्म भी चंद्र ग्रहण के दौरान हुआ था. संयोगवश ग्रहण के समय ही ईरान पर अमेरिका ने अटैक किया है. इसके अलावा प्रकृति पर भी ग्रहण का असर होता है.
03.00 PM: सूतक क्या होता है?
चंद्र ग्रहण से 9 घंटे पहले और सूर्य ग्रहण से 12 घंटे पहले सूतक लग जाता है. सूतक को लेकर कई बार लोग घबरा जाते हैं. खासतौर से गर्भवती महिलाएं ज्यादा परेशान हो जाती हैं. इस बारे में ज्योतिषविद प्रवीण मिश्र ने बताया कि यदि गर्भवती महिलाएं ग्रहण काल या सूतक काल में घर के अंदर हैं तो इसका कोई दुष्प्रभाव नहीं होगा. आप अपने रूटीन कार्य कर सकती हैं. आवश्यक्तानुसार खान-पान कर सकती हैं. बस मन में नकारात्मकता न लाएं और घर में रहने का प्रयास करें.
02.49 PM: ‘बैड नहीं गुड भी है ये चंद्र ग्रहण’
ज्योतिषविद आचार्य राज मिश्रा ने शास्त्रों का हवाला देते हुए कहा कि यदि ग्रहण में स्नान-दान, जप-तप किया जाए तो इसका प्रतिफल लाखों गुना अधिक हो सकता है. यानी इस अवधि में किसी मंत्र का जाप या स्नान-दान किया जाए तो व्यक्ति को बेशुमार लाभ मिल सकता है. इस एक उपाय से जन्म-जन्मान्तर के पाप भी नष्ट हो जाते हैं.
02.40 PM: कितने प्रकार का होता है चंद्र ग्रहण?
पूर्ण चंद्र ग्रहण- जब चंद्रमा पूरी तरह से पृथ्वी की छाया में आ जाता है.
आंशिक चंद्र ग्रहण- जब चंद्रमा का कुछ हिस्सा पृथ्वी की छाया में आता है.
उपछाया चंद्र ग्रहण- जब चंद्रमा पृथ्वी की हल्की छाया में आता है.
02.18 PM: चंद्र ग्रहण का मोक्ष काल कितने बजे है?
ज्योतिषविद डॉ. वाई राखी ने बताया कि चंद्र ग्रहण का प्रभाव सूतक काल से लेकर मोक्ष काल तक रहता है. मोक्ष काल में ही चंद्रमा को ग्रहण से पूर्ण रूप से मोक्ष मिलता है. इस ग्रहण का मोक्ष काल शाम 7 बजकर 53 मिनट तक है. इस वक्त चंद्रमा पूर्ण रूप से ग्रहण की छाया से बाहर आएंगे. लेकिन वो आम इंसानों पर लागू नहीं होता है. इसलिए आप शाम को 6 बजकर 46 मिनट पर ही स्नान करके घर की शुद्धि कर लीजिए.
02.03 PM: इन 2 राशियों के लिए मुश्किल चंद्र ग्रहण
आचार्य गौरव के मुताबिक, चंद्र ग्रहण सिंह राशि में लग रहा है. लेकिन इसका प्रभाव सिर्फ सिंह राशि पर ही नहीं होगा. बल्कि कुंभ राशि के जातकों को भी सावधान रहना होगा. सिंह राशि के ठीक सामने 180 डिग्री पर कुंभ राशि है. ऐसे में ग्रहण अगर सिंह राशि में लगा है तो उसका प्रभाव कुंभ राशि पर भी होगा. इसलिए दोनों ही राशि वालों को सावधानी बरतनी होगी. आज कोई बड़ा निर्णय या बड़ी डील न करें. झगड़े, वाद-विवाद से दूर रहें. वाहन ध्यान से चलाएं.
01.53 PM: चंद्र ग्रहण की कुल अवधि कितनी है?
भारतीय समयानुसार, चंद्र ग्रहण 3 मार्च को दोपहर 03:20 बजे आरंभ होगा और शाम 06:46 बजे समाप्त होगा. यानी इस चंद्र ग्रहण की कुल अवधि करीब 3 घंटे 26 मिनट की रहेगी.
चंद्र ग्रहण के बीच कैसे करें होली की तैयारी?
चंद्र ग्रहण ने न सिर्फ होलिका दहन बल्कि रंग वाली होली (धुलेंडी) पर भी लोगों को चिंता में डाल रखा है. पंडित संजय शर्मा ने बताया कि अभी सूतक लगा हुआ है, जो शाम को ग्रहण के साथ ही खत्म होगा. इस अवधि में होली पर खान-पान से जुड़ी तैयारियां भी नहीं हो पाएंगी. उन्होंने बताया कि ग्रहण काल में लाई गई सामग्री से बना भोजन विष के समान होता है. इसमें न तो खाना बनाया जाता है और न ही परोसा जाता है. इसलिए ग्रहण खत्म होते ही पहले स्नान करें. गंगाजल से घर को शुद्ध करें. और फिर होली पर गुजिया, पकौड़े या अन्य खान-पान की तैयारी शुरू करें.
01.25 PM: चंद्र ग्रहण का होली पर कितना असर?
फाल्गुन पूर्णिमा के संयोग में पड़ रहे इस चंद्र ग्रहण के चलते लोग होलिका दहन की तारीख को लेकर भी बहुत भ्रमित हैं. पंडित शैलेंद्र पांडेय ने कहा कि जो लोग 2 मार्च को होलिका दहन नहीं कर पाए, वो 3 मार्च को ग्रहण समाप्त होने के बाद होलिका दहन कर सकते हैं. आज शाम 6 बजकर 46 मिनट पर ग्रहण समाप्त हो जाएगा. इस वक्त न तो ग्रहण का प्रभाव होगा और न ही भद्रा का साया. इसके बाद आप 4 मार्च को निसंकोच रंगों की होली भी खेल सकते हैं.
01.14 PM: देश-दुनिया पर चंद्र ग्रहण का कितना असर?
पंडित शैलेंद्र पांडेय ने बताया कि चंद्र ग्रहण में मंगल, राहु और केतु का संबंध भी बन रहा है. अग्नि का यह योग युद्ध और बड़ी तबाही के संकेत दे रहा है. देश-दुनिया में युद्ध जैसे हालात बन सकते हैं. दुनिया में कहीं भी सत्ता परिवर्तन हो सकता है. लोगों को बड़े पद गंवाने पड़ सकते हैं. बेवजह का विवाद उभरता दिखाई देगा.
01.05 PM: अग्नि की राशि में चंद्रमा-केतु लगा रहे ग्रहण
पंडित शैलेंद्र पांडेय के मुताबिक, चंद्र ग्रहण के समय चंद्रमा और केतु सिंह राशि में साथ बैठे हैं. चंद्रमा पर सूर्य, बुध और मंगल की दृष्टि भी है. चंद्र ग्रहण सिंह राशि में लग रहा है, जो कि अग्नि तत्व की राशि है. इस राशि में चंद्रमा-केतु की जोड़ी और मंगल-राहु का प्रभाव अग्नि तत्व को प्रधान बना रहा है और देश-दुनिया में उपद्रव बढ़ने के संकेत दे रहा है.
12.51 PM: भारत में इन जगहों पर दिख सकता है पूर्ण चंद्र ग्रहण?
भारत के पूर्वोत्तर क्षेत्र में आज शाम को पूर्ण चंद्र ग्रहण का नजारा देखा जा सकता है. या यूं कहें कि इन जगहों से चंद्र ग्रहण का दृश्य बिल्कुल साफ दिखाई देगा. अरुणाचल प्रदेश, मिजोरम, नागालैंड, त्रिपुरा, असम, मणिपुर, मेघालय, और पश्मिच बंगाल में पूर्ण चंद्र ग्रहण का दृश्य दिखाई दे सकता है.
12.44 PM: देश में कहां-कहां दिखेगा खंडग्रास चंद्र ग्रहण?
आज शाम देश में कई जगहों पर खंडग्रास चंद्र ग्रहण दिखाई दे सकता है. दिल्ली-एनसीआर सहित बिहार, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, जम्मू कश्मीर, चंडीगढ़, झारखंड, छत्तीसगढ़, गोवा, गुजरात, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, कर्नाटक, केरल, लक्षद्वीप, उड़ीसा, पुड्डुचेरी, राजस्थान, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश और उत्तर प्रदेश में लोग खंडग्रास चंद्र ग्रहण देख सकेंगे.
12.40 PM: गर्भवती, वृद्धजन, रोगी-बीमार बरतें ये सावधानियां
चंद्र ग्रहण का सूतक लागू न होने का मतलब ये बिल्कुल नहीं है कि गर्भवती महिलाएं, वृद्धजन या रोगी व्यक्ति बेवजह घर से बाहर निकल जाएं. सूतक से लेकर ग्रहण समाप्त होने तक किसी सुनसान जगह पर जाने से बचें. कोई जोखिमभरा कार्य न करें. समुद्र और अग्नि से दूर रहें.
12.28 PM: क्यों लाल दिखता है चंद्रमा?
नासा के मुताबिक, 3 मार्च यानी आज शाम चंद्र ग्रहण लगेगा. जब चंद्रमा पूरी तरह पृथ्वी की छाया से ढका होगा, तब वो गहरे लाल रंग का दिखाई देगा. इसे ‘ब्लड मून’ कहते हैं. चंद्रमा लाल रंग का इसलिए दिखाई देता है, क्योंकि सूर्य की रोशनी पृथ्वी के वायुमंडल से होकर मुड़ जाती है. इस बार पूर्ण चंद्र ग्रहण का नजारा करीब 58 मिनट तक दिखाई देने वाला है. इसे टेलीस्कोप के बिना भी देखा जा सकता है.
12.20 PM: सूतक में इन 4 लोगों को छूट
सामान्य व्यक्ति के लिए चंद्र ग्रहण से 9 घंटे पहले सूतक लागू हो जाता है. लेकिन इसमें 4 लोगों को विशेष छूट मिलती है. सूतक काल में गर्भवती महिलाओं, बुजुर्गों, बच्चों और रोगियों को राहत दी गई है. ऐसे में ये लोग निसंकोच भोजन ग्रहण कर सकते हैं या दवा ले सकते हैं. 10 साल से कम उम्र के बच्चों पर भी 9 घंटे का सूतक लागू नहीं होता है. इन सभी लोगों का सूतक ग्रहण समापन से साढ़े तीन घंटे पहले शुरू होता है.
12.14 PM: सूतक और ग्रहण में इन मंत्रों का करें जाप
गायत्री मंत्र
ॐ भूर्भुवः स्वः
तत्सवितुर्वरेण्यं
भर्गो देवस्य धीमहि
धियो यो नः प्रचोदयात्
चंद्र मंत्र
ॐ सोम सोमाय नमः
दिव्य मंत्र
हरे कृष्ण हरे कृष्ण, कृष्ण कृष्ण हरे हरे
हरे राम हरे राम, राम राम हरे हरे
12.10 PM: सूतक काल में क्या करें?
चंद्र ग्रहण के सूतक काल में मंत्रों की स्तुति और भगवान का स्मरण करना शुभ होता है. इस दौरान गायत्री मंत्र, महामृत्युंजय मंत्र, भगवान शिव या विष्णु जी के मंत्रों का जाप करें. सूतक समाप्त होने के बाद आप सामर्थ्य के अनुसार दान-दक्षिणा कर सकते हैं.
12.08 PM: सूतक काल में क्या न करें?
साल का पहले चंद्र ग्रहण का सूतक काल जारी है. सूतक काल में कुछ खास बातों का ध्यान रखना जरूरी है. सूतक काल में खान-पान, पूजा-पाठ और देवी-देवताओं की मूर्तियों का स्पर्श वर्जित है. इस घड़ी में शुभ-मांगलिक कार्य भी नहीं किए जाते हैं. अगर जरूरी न हो तो सूतक काल में घर से बाहर निकलने से परहेज करें. सब्जी काटना, छीलना या खाना पकाने से बचें. कोई जोखिम न उठाएं. बाहरी मेल-मिलाप न करें.
12.02 PM: कहां और कैसे देखें चंद्र ग्रहण?
आज शाम को चंद्रोदय होते ही भारत विभिन्न जगहों पर चंद्र ग्रहण का नजारा आसमान में दिखाई देने लगेगा. नासा का दावा है कि चंद्र ग्रहण को खुली आंखों से देख सकते हैं. इसके लिए टेलीस्कोप की जरूरत भी नहीं है. इसके अलावा, आप Timeanddate.com पर जाकर आप इस ग्रहण का लाइव स्ट्रीम देख सकेंगे।
Mathura में होली की तैयारियों के बीच पड़ रहे चंद्र ग्रहण का असर धार्मिक आयोजनों पर साफ दिखाई देगा। ग्रहण के कारण ब्रज के अधिकांश प्रमुख मंदिरों में होली उत्सव स्थगित रहेगा और मंदिर सुबह से बंद रहेंगे।
11.50 AM: सूतक काल का समय क्या है?
चंद्र ग्रहण शुरू होने से 9 घंटे पहले सूतक काल आरंभ हो जाता है. इस चंद्र ग्रहण का सूतक काल आज सवेरे 6 बजकर 20 मिनट पर शुरू हो चुका है. अब यह सूतक ग्रहण के साथ ही शाम 6 बजकर 46 मिनट पर हटेगा।

