Uttarakhand DIPR
Uttarakhand DIPR
October 17, 2026
Daily Lok Manch
राष्ट्रीय

‘जय कन्हैया लाल की’ : मथुरा, दिल्ली से लेकर नोएडा तक उत्सव, कृष्ण के जन्म पर हर तरफ उल्लास

भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव देशभर में धूमधाम और उल्लास के साथ मनाया गया। रात 12.00 बजते ही हर तरफ उल्लास और ‘हाथी घोड़ा पालकी, जय कन्हैया लाल की’ का उत्साह देखने को मिला। यह अद्भुत समय था श्रीकृष्ण के जन्म का। देश-विदेश में इस समय विशेष आयोजन किए गए। श्रीकृष्ण की खास नगरी मथुरा हो या दिल्ली-एनसीआर, द्वारका या बेंगलुरु… हर तरफ, हर दिशा, हर कोने में श्रीकृष्ण जन्मोत्सव की धूम देखने को मिली।

अगर उत्तर प्रदेश के मथुरा में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी की बात करें तो यहां यह पर्व बड़े ही हर्षोल्लास और श्रद्धा के साथ मनाया जा रहा है। रात 12 बजते ही मंदिरों में भगवान श्रीकृष्ण के जयकारे लगने लगे। भक्त उनकी आरती में डूब गए। भगवान श्रीकृष्ण की जन्मभूमि पर शुक्रवार सुबह से ही भक्तों का तांता लगा रहा। देश के कोने-कोने से आए श्रद्धालु कृष्ण जन्मभूमि मंदिर में दर्शन के लिए पहुंचते रहे।

मंगला आरती के बाद मंदिर परिसर में उत्सव का माहौल बन गया। ढोल-ताशे और नगाड़ों की थाप पर भक्त झूमते-नाचते नजर आए। पूरा कृष्ण जन्मभूमि परिसर कन्हैया लाल के जयकारों से गूंज उठा। सुरक्षा और सुविधा के लिए प्रशासन ने व्यापक इंतजाम किए हैं, जिसके चलते भक्तों को दर्शन में किसी तरह की परेशानी नहीं हो रही है।

मंदिर में आई एक महिला भक्त ने न्यूज़ एजेंसी से बात करते हुए कहा, “सब कुछ कान्हा जी की कृपा से हो रहा है। यह उनकी लीला और उनकी माया है, वही जानते हैं। पूरी दुनिया उनकी धुन पर नाच रही है, वरना किसी इंसान में इतनी ताकत नहीं है। इंसान क्या कर सकता है? जब से हमने कान्हा की शरण ली है, तब से जीवन में चमत्कार ही चमत्कार हो रहा है।”

एक अन्य भक्त मोहन सिंह ने खुशी जाहिर करते हुए कहा, “हम यहां लगभग 15 सालों से त्योहार मना रहे हैं। इससे हमें बहुत खुशी मिलती है। हम जब भी आते हैं, यहां खूब नाचते हैं। मैं खुद नहीं नाचता बल्कि कान्हा खुद नचाते हैं।”

एक महिला भक्त ने बताया, “मेरा ससुराल मथुरा है। मैं यहीं रहती हूं, इसलिए रोज भगवान के दर्शन करने आती हूं, लेकिन आज पहली बार है कि जन्माष्टमी पर दर्शन करने आई हूं। बहुत अच्छा लग रहा है।”

वहीं, एक अन्य महिला भक्त ने कहा कि वह पिछले 20 साल से मंदिर आ रही हैं। जब नहीं आती हूं तो ऐसा लगता है कि कुछ छूट गया। यहां अब काफी अच्छी व्यवस्था है। आराम से दर्शन हो जाते हैं। जन्माष्टमी पर भी बहुत अच्छी सुविधा है। मुझे बहुत अच्छा लग रहा है। यहां की सुविधाएं पहले से कहीं बेहतर हैं

Leave a Comment