*जय श्री सीता राम*
🌞 *आज का पञ्चाङ्ग* 🌞
🌤️ *दिनांक – 11 अक्टूबर 2026*
🌤️ *दिन – रविवार*
🌤️ *संवत्सर – रौद्र*
🌤️ *विक्रम संवत 2083 (गुजरात अनुसार 2082)*
🌤️ *शक संवत -1948*
🌤️ *कलि युगाब्द -5128*
🌤️ *अयन – दक्षिणायन*
🌤️ *ऋतु – शरद ॠतु*
🌤️ *मास – आश्विन*
🌤️ *पक्ष – शुक्ल*
🌤️ *तिथि – प्रतिपदा रात्रि 09:30 तक तत्पश्चात द्वितीया*
🌤️ *नक्षत्र – चित्रा रात्रि 10:32 तक तत्पश्चात स्वाती*
🌤️ *योग – वैधृति रात्रि 09:05 तक तत्पश्चात विष्कंभ*
🌤️*राहुकाल – शाम 04:30 से शाम 06:00 तक*
🌞 *सूर्योदय – 06:13*
🌞 *सूर्यास्त – 05:47*
स्थानीय समयानुसार राहुकाल सूर्यास्त सूर्योदय समय में अंतर सम्भव है।
🌤️ *दिशाशूल – पश्चिम दिशा मे*
🔥 *अग्निवास*🔥
01+01+01=03÷4=03 प्रथ्वी लोक में।✅✅
🔱 *शिववास*🔱
01+01+5=07÷7 =00 श्मशान वासे। ❌❌
🚩*व्रत पर्व विवरण – आश्विन शारदीय नवरात्र प्रारंभ,घट-स्थापना*
विशेष- प्रतिपदा को कूष्माण्ड (कुम्हड़ा पेठा) न खाएं क्योकि यह धन का नाश करने वाला है (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-38)
चतुर्मास के दिनों में ताँबे व काँसे के पात्रों का उपयोग न करके अन्य धातुओं के पात्रों का उपयोग करना चाहिए।(स्कन्द पुराण)
चतुर्मास में पलाश के पत्तों की पत्तल पर भोजन करना पापनाशक है।

