Uttarakhand DIPR
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October 14, 2026
Daily Lok Manch
राष्ट्रीय

भूले पद की गरिमा : अपने जूनियर अफसरों के साथ मीटिंग ले रहे वरिष्ठ आईएएस अधिकारी खो बैठे आपा, गुस्से में आकर देने लगे गालियां, देखें वीडियो



आज बात करेंगे एक ऐसे सीनियर आईएएस ऑफिसर की जिन्होंने अपनी पूरी मर्यादा पार कर दी। यही नहीं उनको यह भी ध्यान नहीं रहा अपने जूनियर अधिकारियों के सामने अपना आपा खो बैठे। ‌इन आईएएस अधिकारी का नाम है केके पाठक और बिहार में तैनात हैं। वरिष्ठ आईएएस के के पाठक ( KK Pathak) बिहार में मद्य निषेध विभाग के अपर मुख्य सचिव के पद पर तैनात हैं। ‌पिछले दिनों आईएएस अधिकारी अपने जूनियर अधिकारियों के साथ एक मीटिंग ले रहे थे। ‌मीटिंग के दौरान ही अचानक केके पाठक गुस्से में गाली गलौच पर उतारू हो गए। आईएएस पाठक जूनियर अधिकारियों के साथ बैठक कर रहे थे, तभी का ये वीडियो बताया जा रहा है।‌‌ केके पाठक मध निषेध एवं उत्पाद विभाग के प्रधान सचिव हैं। वे इस दौरान इतने गुस्से में थे कि बिहार के लोगों को भी उन्होंने काफी भला बुरा कहा है। उन्होंने बिहारियों की तुलना चेन्नई के लोगों से कर दी।‌ केवल लोगों नहीं, इस वीडियो में यह भी सुना गया कि आईएएस अफसर डिप्टी कलेक्टर को भी मां बहन की गंदी-गंदी गाली दे रहे हैं और कह रहें हैं कि दो चार लोग मुझे लिखकर दो मैं इसकी बैंड बजाता हूं। इस घटना को लेकर मद्य निषेध विभाग के मंत्री सुनील कुमार ने कहा है कि वायरल वीडियो के बारे में पता चला है। सुनील कुमार ने कहा वीडियो की सत्यता देखने के बाद जो भी इंक्वायरी होगी वह की जाएगी। वह इस घटना का वीडियो वायरल होने के बाद बिहार में कड़ा रोष व्याप्त है।

सोशल मीडिया पर भी इस आईएएस अधिकारी को हटाने की मांग की जा रही है। मद्य निषेध विभाग के अपर मुख्य सचिव और बिपार्ड के डीजी केके पाठक की मुश्किलें अब बढ़ने वाली हैं, क्योंकि बासा के पदाधिकारियों ने अब सीनियर आईएएस के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। केके पाठक का गाली देते वीडियो वायरल होने के बाद बासा के अध्यक्ष शशांक शेखर सिन्हा, महासचिव सुनील तिवारी समेत कई पदाधिकारी सचिवालय थाना पहुंचे जहां कई तरह के गंभीर आरोप लगाते हुए केके पाठक के खिलाफ क्रिमिनल केस दर्ज करने का आवेदन दिया है।‌‌ शिकायत के बाद पुलिस एफआईआर दर्ज करने में जुट गई है और तत्काल जांच की कारवाई भी शुरू होगी। वहीं, इस मामले पर बिहार बीजेपी के प्रवक्ता निखिल आनंद ने इस मामले पर ट्वीट किया है। निखिल आनंद ने लिखा कि आईएएस केके पाठक बहुत पढ़े-लिखे विद्वान हो सकते हैं, लेकिन लंबे समय तक ब्यूरोक्रेसी में रहने के दौरान ये मानसिक अवसाद और कुंठा से ग्रसित हो चुके हैं। इसका ईलाज कराओ। ये बाबा अधिकारियों को मां-बहन की गाली सड़कछाप गुंडे-मवाली की तरह दे रहा है। ये माफी मांगे या इसको बर्खास्त करो।

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