नोएडा के औद्योगिक क्षेत्रों में पिछले तीन-चार दिनों से सुलग रहा मजदूरों का गुस्सा सोमवार सुबह ज्वालामुखी बनकर फूट पड़ा। वेतन वृद्धि की मांग को लेकर हजारों की संख्या में कर्मचारी सड़कों पर उतर आए, जिससे सेक्टर-62, फेज-2 और NH-9 समेत नोएडा के कई प्रमुख हिस्से पूरी तरह ठहर गए। प्रदर्शनकारियों ने न केवल सड़कों को जाम किया, बल्कि कई जगह वाहनों के आगे लेटकर अपना विरोध दर्ज कराया।
सेक्टर-62 से NH-9 तक महाजाम
सोमवार सुबह सेक्टर-62 और सेक्टर-60 में स्थिति उस समय बेकाबू हो गई जब कर्मचारी मुख्य सड़कों पर जमा हो गए। आक्रोशित कर्मचारियों ने डिवाइडर पर चढ़कर प्रदर्शन किया और रास्तों को पूरी तरह ब्लॉक कर दिया। इसके चलते लालकुआं से इलेक्ट्रॉनिक सिटी और सेक्टर-62 से NH-9 की ओर जाने वाले वाहनों की रफ्तार थम गई। जो लोग सुबह अपने काम पर निकले थे, वे घंटों जाम में फंसे रहे। पुलिस बल मौके पर तैनात है, लेकिन प्रदर्शनकारियों की भारी संख्या के आगे यातायात व्यवस्था को संभालना चुनौती बना हुआ है।
फेज-2 और कुलेसरा में भारी हंगामा
नोएडा के फेज-2 में सोमवार सुबह हजारों की तादाद में कर्मचारी जमा हो गए। कुलेसरा से फेज-2 तक विरोध मार्च निकालते हुए कर्मचारियों ने जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांग है कि न्यूनतम वेतन को 13 हजार से बढ़ाकर 20 हजार रुपये किया जाए। इसके साथ ही वे ओवरटाइम के भुगतान और छुट्टियों के लिए अलग प्रावधान की मांग कर रहे हैं। मजदूरों का कहना है कि बढ़ती महंगाई, कमरे का किराया और महंगे गैस सिलेंडर ने उनका जीना मुहाल कर दिया है।

