देहरादून-मसूरी जाम से मिलेगी राहत, 42 किमी नए राष्ट्रीय राजमार्ग को एनएचएआई की मंजूरी - Daily Lok Manch PM Modi USA Visit New York Yoga Day
February 5, 2026
Daily Lok Manch
उत्तराखंड

देहरादून-मसूरी जाम से मिलेगी राहत, 42 किमी नए राष्ट्रीय राजमार्ग को एनएचएआई की मंजूरी

Dehradun-Mussoorie Highway : मसूरी में लगने वाले जाम से जल्द निजात मिल सकती है। देहरादून मसूरी के बीच 42 किमी लंबा नया राष्ट्रीय राजमार्ग बनाने की कवायद शुरू हो गई है। करीब 3500 करोड़ रुपये की एलाइनमेंट को भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने मंजूरी दे दी है।

वाडिया हिमालयी भू-विज्ञान संस्थान को इसके सर्वे का जिम्मा सौंपा गया है। मिली जानकारी के अनुसार इस प्रोजेक्ट में जॉर्ज एवरेस्ट क्षेत्र के नीचे 2.9 किमी लंबी सुरंग, मसूरी की पहाड़ियों में करीब 2 किमी की दूसरी सुरंग बनाई जाएगी। नया हाईवे झाझरा से लाइब्रेरी चौक मसूरी तक बनेगा।

देहरादून में प्रस्तावित पॉड टैक्सी परियोजना की डीपीआर संसोधित होगी। मसूरी व नैनीताल में प्रस्तावित रोपवे परियोजनाओं की कवायद तेज होगी। सचिव, आवास डॉ. आर. राजेश कुमार ने समीक्षा बैठक में ये निर्देश दिए।
प्रबंध निदेशक, उत्तराखण्ड मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन द्वारा देहरादून शहर में प्रस्तावित पीआरटी परियोजना तथा मसूरी एवं नैनीताल शहर में प्रस्तावित रोपवे परियोजनाओं की फिजिबिलिटी अध्ययन की अद्यतन स्थिति पर विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया गया।

प्रस्तुतीकरण के दौरान परियोजनाओं के तकनीकी, सामाजिक, पर्यावरणीय एवं वित्तीय पहलुओं की जानकारी दी गई। प्रस्तुतीकरण में बताया गया कि देहरादून शहर में प्रस्तावित पीआरटी (पॉड टैक्सी) परियोजना को ईबीआरटीएस के फीडर सिस्टम के रूप में विकसित किए जाने का प्रस्ताव है। इस परियोजना के अंतर्गत तीन प्रमुख कॉरिडोर प्रस्तावित हैं, जिनमें क्लेमेंटाउन से बल्लूपुर चौक, पंडितवाड़ी से रेलवे स्टेशन तथा गांधी पार्क से आईटी पार्क तक के मार्ग शामिल हैं।

अधिकारियों ने बताया कि यह परियोजना शहर में यातायात दबाव को कम करने के साथ-साथ पर्यावरण अनुकूल परिवहन व्यवस्था को भी सुदृढ़ करेगी। बैठक में निगम द्वारा तैयार की गई डीपीआर (डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट) पर विस्तार से चर्चा की गई।

आवास सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने निर्देश दिए कि डीपीआर में परियोजना की आवश्यकता, पर्यावरणीय प्रभाव आंकलन (ईआईए), सामाजिक प्रभाव तथा वित्तीय व्यवहार्यता को ठोस रूप में प्रस्तुत किया जाए। उन्होंने आगामी समीक्षा बैठक में संशोधित डीपीआर के साथ पुनः प्रस्तुतीकरण करने के निर्देश दिए।

आवास सचिव ने देहरादून में प्रस्तावित पीआरटी कॉरिडोर के संरेखण का स्थलीय निरीक्षण किए जाने की भी इच्छा जताई, ताकि जमीनी स्तर पर परियोजना की व्यवहारिकता का प्रत्यक्ष आकलन किया जा सके। इसके अतिरिक्त बैठक में मसूरी एवं नैनीताल शहरों में प्रस्तावित रोपवे परियोजनाओं की फिजिबिलिटी अध्ययन की स्थिति की भी समीक्षा की गई।

प्रबंध निदेशक द्वारा अवगत कराया गया कि रोपवे परियोजनाएं पर्वतीय शहरों में यातायात जाम, पार्किंग समस्या एवं प्रदूषण को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी। इस पर आवास सचिव ने मुख्यमंत्री के निर्देशों के क्रम में रोपवे परियोजनाओं के अंतर्गत आने वाली समस्त भूमि का विस्तृत विवरण, स्वामित्व की स्थिति सहित तैयार करने तथा संबंधित विभागों से पत्राचार कर शीघ्र अग्रतर कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि भूमि संबंधी पहलुओं का समयबद्ध समाधान परियोजनाओं के क्रियान्वयन के लिए आवश्यक है।

डॉ. आर. राजेश कुमार ने कहा कि देहरादून में प्रस्तावित पीआरटी परियोजना तथा मसूरी और नैनीताल में प्रस्तावित रोपवे परियोजनाएं महत्वपूर्ण पहल हैं। इन परियोजनाओं से यातायात दबाव कम होगा, पर्यावरण संरक्षण को बल मिलेगा और पर्यटन गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने कहा कि सभी परियोजनाओं को पारदर्शी, व्यावहारिक और समयबद्ध तरीके से आगे बढ़ाया जाएगा।

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