कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के संस्थापक अभिजीत दीपके बुधवार दोपहर दिल्ली पहुंचे तो एयरपोर्ट पर उन्हें लोगों की नाराजगी का सामना करना पड़ा। एयरपोर्ट से बाहर निकलते समय वहां मौजूद भीड़ में से एक यात्री ने उन्हें सीधे शब्दों में घेरते हुए कहा, ‘क्यों देश को खराब कर रहा भाई।’ यात्री की इस टिप्पणी पर दीपके ने न तो कोई जवाब दिया और न ही बहस में उलझे। उन्होंने केवल थम्स अप का इशारा किया और चुपचाप आगे बढ़ गए। हालांकि, एयरपोर्ट पर हुई इस घटना के बीच दीपके ने अपने समर्थकों के लिए 16 अक्टूबर को प्रदर्शन का आह्वान कर दिया है। उन्होंने साफ कहा है कि जेल जाने का डर उन्हें पीछे हटने पर मजबूर नहीं करेगा।
दीपके के दिल्ली पहुंचने के दौरान हुई इस घटना ने सीजेपी को लेकर जारी विवाद को एक बार फिर चर्चा में ला दिया है। एयरपोर्ट से बाहर निकलते समय यात्री की टिप्पणी ने यह संकेत दिया कि पार्टी और उसके नेताओं को लेकर लोगों के बीच नाराजगी भी सामने आ रही है। यात्री ने दीपके से सवाल पूछते हुए उन पर देश का माहौल खराब करने का आरोप लगाया। इस पर दीपके ने कोई प्रतिक्रिया देने के बजाय हाथ से थम्स अप का संकेत दिया और वहां से निकल गए। उन्होंने मौके पर किसी तरह का विवाद खड़ा नहीं किया।
16 अक्टूबर को तिरंगा लेकर कनॉट प्लेस पहुंचने की अपील
दिल्ली पहुंचने के बाद दीपके ने बुधवार को वीडियो संदेश जारी कर 16 अक्टूबर को प्रदर्शन करने का ऐलान किया। उन्होंने अपने समर्थकों और लोगों से अपील की कि वे शुक्रवार शाम पांच बजे तिरंगा लेकर कनॉट प्लेस पहुंचें। दीपके ने वीडियो संदेश में कहा कि सभी लोग तिरंगा लेकर निर्धारित समय पर वहां पहुंचें। उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें जेल में डाल दिया जाए, तब भी उन्हें इसकी परवाह नहीं है।
दीपके के इस बयान को ऐसे समय में महत्वपूर्ण माना जा रहा है, जब सीजेपी के दो प्रवक्ताओं को जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान हिरासत में लिए जाने के बाद न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। ऐसे में 16 अक्टूबर को प्रस्तावित प्रदर्शन को लेकर दिल्ली में राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों की नजरें टिकी रहेंगी।
सीजेपी के दो प्रवक्ता आशुतोष रांका और सौरव दास तिहाड़ जेल भेजे गए
इस पूरे घटनाक्रम के बीच सीजेपी के प्रवक्ता आशुतोष रांका और सौरव दास को दिल्ली की विशेष अदालत ने पांच दिन की न्यायिक हिरासत में तिहाड़ जेल भेज दिया है। दोनों को मंगलवार सुबह जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान हिरासत में लिया गया था। आरोप है कि प्रदर्शन के दौरान उन्होंने बिना अनुमति विरोध प्रदर्शन किया और बैरिकेड पार कर आगे बढ़ने की कोशिश की। इस मामले में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दोनों को हिरासत में लिया था।
दोनों प्रवक्ताओं को न्यायिक हिरासत में भेजे जाने के बाद अब दीपके ने खुद सामने आकर प्रदर्शन का आह्वान किया है। उनके वीडियो संदेश में जेल जाने की आशंका को लेकर बेपरवाही जताई गई है। इससे साफ है कि सीजेपी के नेतृत्व ने अपने समर्थकों को लामबंद करने की कोशिश तेज कर दी है।
फिलहाल, बुधवार को दिल्ली एयरपोर्ट पर दीपके को सुनाई गई टिप्पणी और उसके बाद उनकी प्रतिक्रिया इस घटनाक्रम का प्रमुख हिस्सा बन गई है। एक ओर जहां एयरपोर्ट पर यात्री ने उनसे सवाल करते हुए नाराजगी जताई, वहीं दूसरी ओर दीपके ने बिना बहस किए आगे बढ़ना चुना। अब सबकी नजर 16 अक्टूबर को कनॉट प्लेस में होने वाले प्रस्तावित प्रदर्शन पर रहेगी। यह देखना होगा कि दीपके की अपील पर कितने लोग जुटते हैं और प्रशासन इस आयोजन को लेकर क्या रुख अपनाता है।

