मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज सचिवालय में थराली, कर्णप्रयाग, केदारनाथ, रुद्रप्रयाग और देवप्रयाग विधानसभा क्षेत्र की मुख्यमंत्री घोषणाओं की अद्यतन स्थिति की समीक्षा की। सीएम ने कहा कि जन समस्याओं का समाधान राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। जनप्रतिनिधियों के साथ निरंतर समन्वय बनाए रखते हुए अधिकारी आमजन की समस्याओं का समाधान करें। उन्होंने कहा कि पर्वतीय क्षेत्रों में स्वास्थ्य और शिक्षा पर विशेष ध्यान दिया जाए। हेली एंबुलेंस की समय पर उपलब्धता और दूरस्थ क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं को और बेहतर बनाने की दिशा में निरंतर कार्य किए जाएं। उन्होंने कहा कि निर्माण से संबंधित कार्यों में यदि किसी विभाग द्वारा प्रस्ताव किसी अन्य विभाग को हस्तांतरित किया जाना है, तो उसे शीघ्र भेजा जाए। विलंब करने पर संबंधित विभागों की जिम्मेदारी तय की जाए।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि विधायकगणों द्वारा बैठक में उठाई गई समस्याओं का संबंधित विभागीय सचिव प्राथमिकता के आधार पर समाधान करें। उन्होंने मुख्यमंत्री घोषणाओं से संबंधित वन विभाग के स्तर पर लंबित प्रकरणों की अलग से समीक्षा करने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने मुख्य सचिव को निर्देश दिए कि मानसून से पहले वर्षाकाल की चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए व्यापक समीक्षा बैठक आयोजित की जाए। बाढ़ नियंत्रण से संबंधित कार्य समय पर पूर्ण किए जाएं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि आगामी चारधाम यात्रा के दृष्टिगत सभी तैयारियां समय पर पूर्ण कर ली जाएं। कमर्शियल सिलेंडर के संबंध में होटल एसोसिएशन के साथ समय-समय पर बैठक कर उनकी समस्याओं का समाधान किया जाए। यात्रा के लिए सभी व्यवस्थाओं को सुदृढ़ बनाया जाए।
बैठक में कैबिनेट मंत्री श्री भरत चौधरी, विधायक कर्णप्रयाग श्री अनिल नौटियाल, विधायक थराली श्री भूपाल राम टम्टा, विधायक केदारनाथ श्रीमती आशा नौटियाल, विधायक देवप्रयाग श्री विनोद कंडारी, मुख्य सचिव श्री आनंद बर्द्धन, प्रमुख सचिव डॉ आर. मीनाक्षी सुंदरम, सचिव श्री शैलेश बगौली, श्री नितेश झा, श्री दिलीप जावलकर, श्री सचिन कुर्वे, श्री रविनाथ रमन, श्री एस.एन. पांडेय, डॉ. पंकज कुमार पांडेय, डॉ. आर. राजेश कुमार, श्री धीराज गर्ब्याल आदि मौजूद थे।

