आज, 1 फरवरी दिन रविवार को मोदी सरकार की वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने केंद्रीय बजट पेश किया। इस बजट में वित्त मंत्री ने कई बड़ी घोषणाएं की लेकिन इस बार बजट में लोगों को टैक्स में छूट मिलने की कोई खास उपेक्षाएं नहीं थी। ऐसा इसलिए कि साल 2025 में निर्मला सीतारमण ने टैक्स में भारी छूट दी थी और 7 लाख से बढ़ाकर 12 लाख रुपए टैक्स फ्री कर दिया था।
इसके बावजूद मध्यम वर्ग यानी मिडिल क्लास इस बजट में निगाहें जरूर लगाए हुए था कि इस बार भी उसे कोई खास सौगात मिल जाए। लेकिन इस बार मध्यम वर्ग लोगों को निराशा हुई होगी। कुल मिलाकर आज पेश किया गया बजट पिछले साल की अपेक्षा एक अपडेट वर्जन कहा जा सकता है। आइए समझते हैं वित्त मंत्री सीतारमण के पेश किए गए बजट का गणित।
सरकार ने बजट 2026 ने शिक्षा और रोजगार के बीच की खाई को पाटने का बड़ा संदेश दिया है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने संसद में पेश किए गए इस बजट में यह स्पष्ट किया कि अब पढ़ाई सिर्फ किताबों तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि सीधे नौकरी और करियर तक पहुंचाने का रास्ता भी खुलेगा। छात्रों के लिए नई स्किल्स, इंडस्ट्री-कनेक्टेड यूनिवर्सिटी टाउन, डिजाइनिंग में नए अवसर, बेटियों के लिए सुरक्षित हॉस्टल और अंतरिक्ष विज्ञान में आधुनिक सुविधाएं शामिल की गई हैं। ये पहलें सिर्फ ज्ञान नहीं देंगी, बल्कि करियर बनाने की दिशा भी तय करेंगी।
वित्त मंत्री सीतारमण ने विकसित भारत-2047 के विजन के तहत ‘तीन कर्तव्यों’ की सूची पेश की
बजट भाषण में वित्त मंत्री सीतारमण ने विकसित भारत-2047 के विजन के तहत ‘तीन कर्तव्यों’ की सूची पेश की। हमारा पहला कर्तव्य उत्पादकता और प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ाकर तथा वैश्विक स्तर पर बदलते और अस्थिर हालात के बीच मजबूती विकसित करते हुए आर्थिक वृद्धि को तेज करना और उसे बनाए रखना है। हमारा दूसरा कर्तव्य जनता की आकांक्षाओं को पूरा करना और उनकी क्षमताओं का निर्माण करना है, ताकि वे भारत की समृद्धि की राह में सशक्त साझेदार बन सकें। हमारा तीसरा कर्तव्य ‘सबका साथ, सबका विकास’ के हमारे दृष्टिकोण के अनुरूप है, ताकि हर परिवार, समुदाय, क्षेत्र और क्षेत्रक को संसाधनों, सुविधाओं और सार्थक भागीदारी के अवसरों तक पहुंच सुनिश्चित की जा सके।
वित्त वर्ष 2027 का यह बजट निर्मला सीतारमण का लगातार नौवां बजट भी है। साथ ही, यह भाजपा-नेतृत्व वाली एनडीए सरकार के तीसरे कार्यकाल का तीसरा बजट हैं, जिसे वैश्विक अनिश्चितताओं और निर्यात में सुस्ती के बीच पेश किया गया। ये बजट अप्रैल 2026 से मार्च 2027 तक के वित्त वर्ष के लिए होगा।
बजट की 8 सबसे बड़ी घोषणाएं…
i. इनकम टैक्स स्लैब में बदलाव नहीं। रिवाइज्ड रिटर्न फाइल करने के लिए 3 महीने का ज्यादा समय दिया। यानी अब 31 दिसंबर के बदले 31 मार्च तक रिवाइज्ड रिटर्न फाइल कर सकते हैं।
ii. कैंसर की 17 दवाओं पर से आयात शुल्क हटाया। अभी 5% शुल्क लगता था। हीमोफीलिया, सिकल सेल और मस्कुलर डिस्ट्रॉफी जैसी 7 दुर्लभ बीमारियों की दवाइयां भी ड्यूटी फ्री।
iii. डिफेंस बजट ₹6.81 लाख करोड़ से बढ़ाकर ₹7.85 लाख करोड़, यानी 15.2% की बढ़ोतरी। हथियार खरीदी और आधुनिकीकरण पर पिछले साल के ₹1.80 लाख करोड़ के मुकाबले इस साल ₹2.19 लाख करोड़ खर्च होंगे, यानी 22% की बढ़ोतरी।
iv. 7 हाईस्पीड रेल कॉरिडोर की घोषणा। इनमें मुंबई -पुणे, पुणे-हैदराबाद, हैदराबाद-बेंगलुरु, हैदराबाद-चेन्नई, चेन्नई-बेंगलुरु, दिल्ली-वाराणसी और वाराणसी-सिलिगुड़ी।
v. 3 आयुर्वेदिक AIIMS खोले जाने की घोषणा। मेडिकल टूरिज्म को बढ़ाने के लिए 5 मेडिकल हब भी बनेंगे।
vi. 5 लाख से ज्यादा आबादी वाले टियर-2 और टियर-3 शहरों के विकास के लिए ₹12.2 लाख करोड़ खर्च करने का ऐलान।
vii. 15 हजार सेकेंडरी स्कूलों और 500 कॉलेजों में कंटेंट क्रिएटर लैब्स बनाई जाएंगी।
viii. करीब 800 जिलों में लड़कियों के लिए हॉस्टल बनेंगे। हर जिले में एक हॉस्टल बनाया जाएगा।
इनकम टैक्स: स्लैब में बदलाव नहीं, रिटर्न फाइलिंग के लिए 3 महीने एक्स्ट्रा इनकम टैक्स स्लैब में कोई बदलाव नहीं। रिवाइज्ड रिटर्न फाइल करने के लिए 3 महीने का ज्यादा समय दिया। यानी अब 31 दिसंबर के बदले 31 मार्च तक रिवाइज्ड रिटर्न फाइल कर सकते हैं। न्यू इनकम टैक्स एक्ट 1 अप्रैल 2026 से लागू होगा। फॉर्म रीडिजाइन किए गए हैं, ताकि आम लोग उसे आसानी से भर सकें।
विदेश घूमना सस्ता होगा: सरकार ने टैक्स घटाकर 2% किया
अब विदेश यात्रा के ‘टूर पैकेज’ बुक करना सस्ता हो जाएगा। पहले 10 लाख रुपए तक के खर्च पर 5% और उससे ज्यादा पर 20% टैक्स (TCS) लगता था। इसे अब घटाकर सीधा 2% कर दिया गया है। अब इसमें रकम की कोई लिमिट भी नहीं है।
पढ़ाई के साथ सीधे नौकरी की ‘गारंटी’ वाली प्लानिंग
भविष्य की जरूरतों को देखते हुए सरकार ‘एजुकेशन टू एम्प्लॉयमेंट एंड एंटरप्राइज’ नाम की एक हाई-पावर कमेटी बनाने जा रही है। यह कमेटी सिर्फ कागजी काम नहीं करेगी, बल्कि यह देखेगी कि साल 2047 तक भारत को आईटी, टूरिज्म और फाइनेंस जैसे सेक्टर में दुनिया का नंबर-1 देश कैसे बनाया जाए। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के आने से जो नौकरियां बदल रही हैं, उनके लिए छात्रों को किन नए हुनर (स्किल्स) की जरूरत होगी, इसका पूरा रोडमैप यही कमेटी तैयार करेगी।
पूर्वी भारत के युवाओं को मिलेगा ‘डिजाइन’ का नया ठिकाना
डिजाइनिंग के क्षेत्र में करियर बनाने का सपना देख रहे पूर्वी भारत के छात्रों के लिए अच्छी खबर है। सरकार इस क्षेत्र में एक नया नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ डिजाइन (NID) खोलने वाली है। खास बात यह है कि इसके लिए ‘चैलेंज रूट’ अपनाया जाएगा, यानी पूर्वी भारत के अलग-अलग शहर इसके लिए अपनी दावेदारी पेश करेंगे और जो सबसे बेहतर होगा, उसे ही यह संस्थान मिलेगा। इससे इस पूरे इलाके में शिक्षा और विकास के नए रास्ते खुलेंगे।
अब फैक्ट्रियों और हाईवे के पास बसेंगे ‘यूनिवर्सिटी टाउन’
सरकार ने एक अनोखा प्रयोग करते हुए देश में पांच नई ‘यूनिवर्सिटी टाउनशिप’ बनाने का फैसला किया है। ये टाउनशिप बड़े इंडस्ट्रियल एरिया और मुख्य हाईवे (ट्रांसपोर्ट कॉरिडोर) के पास बसाई जाएंगी। एक ही जगह पर कॉलेज, स्किल सेंटर और हॉस्टल होंगे। इसका फायदा यह होगा कि छात्र पढ़ाई के दौरान ही इंडस्ट्री के करीब रहेंगे, जिससे उनके लिए इंटर्नशिप और प्लेसमेंट पाना बहुत आसान हो जाएगा।
बेटियों की पढ़ाई के लिए हर जिले में अपना ‘घर’
बेटियों को उच्च शिक्षा के लिए घर से दूर जाने में कोई परेशानी न हो, इसके लिए सरकार ने हर जिले में एक ‘गर्ल्स हॉस्टल’ बनाने का वादा किया है। यह कदम खासकर उन छात्राओं के लिए वरदान साबित होगा जो साइंस और टेक्नोलॉजी (STEM) की पढ़ाई कर रही हैं। लैब और लाइब्रेरी में देर तक रुकने वाली लड़कियों को अब रहने और सुरक्षा की चिंता नहीं करनी होगी। इन हॉस्टलों का पूरा खर्च सरकार खुद उठाएगी।
आसमान की गहराइयों को नापेंगे भारतीय छात्र
विज्ञान और रिसर्च को बढ़ावा देने के लिए सरकार अंतरिक्ष विज्ञान पर भी बड़ा निवेश कर रही है। देश में चार बड़ी टेलीस्कोप सुविधाओं को अपग्रेड किया जाएगा या नया बनाया जाएगा। इसमें सोलर और इन्फ्रारेड टेलीस्कोप के साथ-साथ एक नया तारामंडल (प्लैनेटेरियम) भी शामिल है। इससे न केवल वैज्ञानिकों को मदद मिलेगी, बल्कि उन छात्रों का भी हौसला बढ़ेगा जो सितारों और ग्रहों की दुनिया में अपना भविष्य देखते हैं।

