पिछले 15 दिनों से देश में यूजीसी के नए कानून को लेकर सवर्ण जातियों में भारी आक्रोश है। सोशल मीडिया पर इसके विरोध में ब्राह्मण, क्षत्रिय, वैश्य और कायस्थ समाज विरोध प्रदर्शन जता रहे हैं। आज, गणतंत्र दिवस 26 जनवरी को उत्तर प्रदेश के बरेली में सिटी मजिस्टेट पद पर तैनात अलंकार अग्निहोत्री ने इस्तीफा दे दिया है। इस्तीफे की वजह यूपी सरकार की नीतियों और यूजीसी के नए नियमों से गहरी असहमति बताई जा रही है। 2019 के तेजतर्रार पीसीएस अधिकारी अलंकार अग्निहोत्री के इस्तीफे से प्रशासनिक अमले में हड़कंप मच गया है।अलंकार अग्निहोत्री मूलरूप से कानपुर के रहने वाले हैं। बरेली से पहले वह बलरामपुर, उन्नाव और लखनऊ में एसडीएम पद पर तैनात रह चुके हैं। वह प्रशासनिक क्षेत्र में अपनी स्पष्टवादिता और सख्त कार्यशैली के लिए जाने जाते हैं।

अलंकार अग्निहोत्री ने कहा कि पिछले दो सप्ताह के घटनाक्रम यदि देखेंगे तो मौनी अमावस्या के स्नान में ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद जी महाराज के बटुक शिष्यों के साथ चोटी या शिखा पकड़कर, जो ब्राह्मण समाज का जो सांस्कृतिक-धार्मिक प्रतीक है, उसका मान मर्दन किया गया। जो वीडियो सामने आए हैं उसमें आप देखेंगे कि कितने गंदे तरीके से बटुक शिष्यों को चोटी पकड़कर घसीटकर पीटा गया। बूढ़े-बूढ़े संन्यासियों को जूतों-चप्पलों, पैरों से मारा गया। अगर प्रशासन के लोग ही इस ढंग से मैसेज देंगे तो समाज के दूसरे वर्ग हैं वे ब्राह्मण समाज पर कितना अत्याचार करेंगे।
इसके अलावा जो दूसरा विषय था, उसमें 13 जनवरी को गजट है भारत सरकार का। जो यूजीसी का रेगुलेशन आया है उसमें सामान्य वर्ग के जो विद्यार्थी है यूनिवर्सिटी में उनको स्वघोषित अपराधी मान लिया गया है। उनके विरुद्ध समता समिति के माध्यम से शिकायत दर्ज कराई जाएगी। यदि आपकी बेटी है तो उसका शारीरिक शोषण समता समिति के माध्यम से फर्जी शिकायतों के निस्तारण के दौरान किया जा सकता है। यदि आपका बेटा प्रतिभावान है तो कोई भी उसके खिलाफ एक शिकायत डाल सकता है, आपके बेटे का पूरा भविष्य बर्बाद कर सकता है। समता समिति के सदस्य उनका शोषण कर सकते हैं। इस पर सबसे बड़ी नाराजगी यह है कि जो ब्राह्मण समाज के जनप्रतिनिधि है, जो अपने आपको समाज का नेता समझते हैं, वे भी कुछ नहीं बोल रहे हैं।
अलंकार अग्निहोत्री के नाम से वायरल हो रहे इस कथित पत्र को राज्यपाल, मुख्य चुनाव आयुक्त और राज्य चुनाव आयुक्त को भेजा गया है, पत्र में लिखा गया कि मैं अलंकार अग्निहोत्री वर्तमान में उत्तर प्रदेश प्रान्तीय सेवा में 2019 बैच का राजपत्रित अधिकारी हूं और वर्तमान में सिटी मजिस्ट्रेट, बरेली के रूप में जनपद बरेली में अपनी सेवाएं दे रहा हूं, यह भी आपके संज्ञान में लाना चाहता हूं कि अखिल भारतीय हिन्दू विश्वविद्यालय के अन्तर्गत IIT BHU से B.Tech की उपाधि अर्जित करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ, जिसके लिये मैं भारत रत्न महामना मदन मोहन मालवीय का जीवन भर आभारी रहूंगा और उनके स्वप्न के आधार पर जिस प्रकार से उन्होंने काशी हिन्दू विश्वविद्यालय की स्थापना की, उसी प्रेरणा लेकर काशी एवं वीरभूमि हनुमान जी के ध्यान में रखकर आगे अपने भाव व्यक्त कर रहा हूं।
अलंकार ने पहले प्रयास में PCS परीक्षा पास की थी
अलंकार ने पहले प्रयास में पीसीएस परीक्षा (PCS) पास की थी। सरकारी नौकरी की तैयारी से पहले उन्होंने करीब दस साल तक आईटी सेक्टर में नौकरी की थी। अलंकार अग्निहोत्री मूलरूप से कानपुर के रहने वाले हैं। वह बलरामपुर, उन्नाव और लखनऊ में एसडीएम पद पर तैनात रह चुके हैं।

