मुस्लिम धर्म से नाराज चल रहे यूपी शिया सेंट्रल वक्फ बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष वसीम रिजवी बने हिंदू, नाम भी बदला - Daily Lok Manch PM Modi USA Visit New York Yoga Day
February 22, 2026
Daily Lok Manch
उत्तर प्रदेश धर्म/अध्यात्म

मुस्लिम धर्म से नाराज चल रहे यूपी शिया सेंट्रल वक्फ बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष वसीम रिजवी बने हिंदू, नाम भी बदला


अपने बयानों से सुर्खियों में रहने वाले और काफी दिनों से अपने ही मुस्लिम धर्म से नाराज चल रहे वसीम रिजवी ने आज आखिरकार हिंदू धर्म अपना लिया है। इसके साथ ही उनका नाम भी बदल गया है. वसीम रिजवी का नया नाम जितेंद्र नारायण सिंह त्यागी होगा। वसीम रिजवी उत्तर प्रदेश शिया सेंट्रल वक्फ बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष हैं । ये एक लंबे समय से इस पद आसीन थे। इन्होंने मायावती, अखिलेश यादव और योगी आदित्यनाथ सरकारों के काल में अपना काम अंजाम दिया है। वे फिल्म निर्माता भी हैं। वसीम रिजवी धर्म परिवर्तन के दौरान पूरी तरह से भगवा लिबास में नजर आए। इस्लाम छोड़कर हिन्दू बनने के बाद जितेंद्र नारायण सिंह त्यागी (वसीम रिजवी) ने कहा कि धर्म  परिवर्तन की यहां कोई बात नहीं है, जब मुझे इस्लाम से निकाल दिया गया तो फिर मेरी मर्जी है कि मैं कौन सा धर्म स्वीकार करूं। सनातन धर्म दुनिया का सबसे पहला धर्म है, जितनी उसमें अच्छाइयां पाई जाती हैं, और किसी धर्म में नहीं है। इस्लाम को हम धर्म ही नहीं समझते। हर जुमे की नमाज के बाद हमारा सिर काटने के लिए फतवे दिए जाते हैं तो ऐसी परिस्थिति में हमको कोई मुसलमान कहे, इससे हमको खुद शर्म आती है। सोमवार को गाजियाबाद में यति नरसिंहानंद ने वसीम रिजवी को हिन्दू धर्म में शामिल कराया। इसके बाद जितेंद्र नारायण त्यागी यानी वसीम मंदिर में नजर आए। यहां उनके माथे पर त्रिपुंड था, उन्होंने गले में भगवा बाना पहना हुआ था और वो हाथ जोड़कर भगवान की पूजा कर रहे थे। बता दें कि वसीम रिजवी लगातार अपने बयानों को लेकर विवादों में रहे हैं। पिछले काफी वक्त से वो ऐसे बयान देते आए हैं जिन्हें इस्लाम विरोधी और मुस्लिम विरोधी माना गया। मुस्लिम समाज में भी वसीम रिजवी के खिलाफ काफी गुस्सा देखने को मिला। बता दें कि वसीम रिजवी काफी समय से कट्टरपंथियों के निशाने पर हैं. वो कट्टरपंथ के खिलाफ खुलकर आवाज उठाते रहते हैं। उनको कई बार जान से मारने की धमकियां मिल चुकी हैं। गौरतलब है कि वसीम रिजवी ने कुरान के कथित रूप से विवादित आयतों को हटाने के लिए कुछ महीनों पहले सुप्रीम कोर्ट को रिट याचिका दाखिल की थी, जिसे कोर्ट ने खारिज किया और उन पर 50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया था। रिजवी का धर्म परिवर्तन करने वाले यति नरसिंहानंद गिरि ने बताया कि 15 दिन पहले उनके पास वसीम रिजवी का फोन आया तो वह हैरान रह गए क्योंकि उन्हें कोई मुस्लिम फोन नहीं करता है। यति ने कहा कि इसके बाद रिजवी ने अपनी पुस्तक का विमोचन करवाया और उनसे बात करके अच्छा लगा। यति नरसिंहानंद ने लोगों से रिजवी का साथ देने की अपील की

Related posts

28 मार्च, सोमवार का पंचांग और राशिफल

admin

11 फरवरी, बुधवार का पंचांग और राशिफल

admin

सपा नेता आजम खान की जमानत याचिका पर नहीं हो सकी सुनवाई, यह रही वजह

admin

Leave a Comment