दिवाली से पहले केंद्र सरकार ने केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को राहत देने का बड़ा फैसला लिया है। सरकार ने महंगाई भत्ते (DA) और महंगाई राहत (DR) में 3 प्रतिशत की बढ़ोतरी को मंजूरी दी है। इस फैसले से देश के 1.16 करोड़ से अधिक केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को लाभ मिलने की बात कही जा रही है। महंगाई भत्ते में बढ़ोतरी से कर्मचारियों की मासिक सैलरी और पेंशनभोगियों की पेंशन में इजाफा होगा।
1 जुलाई 2026 से लागू होगी नई दर
जानकारी के मुताबिक, महंगाई भत्ते में की गई यह बढ़ोतरी 1 जुलाई 2026 से प्रभावी होगी। इससे पहले अप्रैल में केंद्र सरकार ने DA में 2 प्रतिशत की वृद्धि की थी, जिसके बाद यह मूल वेतन का 60 प्रतिशत हो गया था। अब 3 प्रतिशत की अतिरिक्त बढ़ोतरी के बाद महंगाई भत्ता बढ़कर मूल वेतन का 63 प्रतिशत हो जाएगा।
बेसिक सैलरी के हिसाब से बढ़ेगी रकम
महंगाई भत्ता कर्मचारियों को बढ़ती महंगाई के प्रभाव से राहत देने के लिए दिया जाता है। इसकी गणना मूल वेतन के आधार पर की जाती है। DA में 3 प्रतिशत की बढ़ोतरी का मतलब है कि कर्मचारियों को उनके मौजूदा मूल वेतन के आधार पर अतिरिक्त महंगाई भत्ता मिलेगा।
उदाहरण के तौर पर, यदि किसी कर्मचारी का मूल वेतन 30,000 रुपये प्रतिमाह है, तो 60 प्रतिशत DA के हिसाब से उसे 18,000 रुपये महंगाई भत्ता मिलता है। नई दर 63 प्रतिशत होने पर यह राशि बढ़कर 18,900 रुपये हो जाएगी। यानी कर्मचारी को हर महीने 900 रुपये अतिरिक्त मिलेंगे।
पेंशनभोगियों को भी मिलेगा फायदा
केंद्रीय कर्मचारियों के साथ पेंशनभोगियों को भी महंगाई राहत (DR) में बढ़ोतरी का लाभ मिलेगा। इससे उनकी पेंशन में भी इजाफा होगा। बढ़ी हुई दर लागू होने के बाद पात्र कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को नियमानुसार एरियर भी मिल सकता है।
सरकार के इस फैसले से त्योहारों के दौरान कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को आर्थिक राहत मिलने की उम्मीद है। हालांकि, बढ़ी हुई दर के भुगतान और एरियर की सटीक जानकारी के लिए सरकार के आधिकारिक आदेश का इंतजार करना होगा।

