उत्तराखंड में भारी बारिश के बीच सीमांत क्षेत्रों में सड़क और पुलों पर संकट गहराता जा रहा है। पिथौरागढ़ जिले में चीन सीमा से लगी व्यास, दारमा और चौदांस घाटियों को जोड़ने वाला कुलागाड़ नाले पर बना 170 फीट लंबा बैली ब्रिज तेज बहाव में बह गया। पुल के बहने से सीमांत क्षेत्र का संपर्क एक बार फिर बाधित हो गया है। खास बात यह है कि यह पुल 27 अगस्त को ही तैयार किया गया था। इससे पहले 18 अगस्त को चट्टान गिरने से पुराना पुल टूट गया था, जिसके बाद आवाजाही बहाल करने के लिए नया बैली ब्रिज बनाया गया था।
27 अगस्त को बना था पुल, तेज बहाव में बहा
पिथौरागढ़ के कुलागाड़ नाले पर बना बैली ब्रिज भारी बारिश और नाले के तेज बहाव की चपेट में आ गया। पुल के बहने से व्यास, दारमा और चौदांस घाटियों में आवाजाही प्रभावित हुई है। चीन सीमा से जुड़े इन क्षेत्रों के लिए यह मार्ग रणनीतिक और स्थानीय दोनों दृष्टि से महत्वपूर्ण है। पुल टूटने से सीमांत गांवों के लोगों, स्थानीय वाहनों और आवश्यक सामान की आवाजाही पर असर पड़ सकता है। प्रशासन और संबंधित विभागों के सामने अब संपर्क बहाल करने की चुनौती है।
इससे पहले 18 अगस्त को चट्टान गिरने के कारण पुराना पुल टूट गया था। इसके बाद सीमांत क्षेत्र की कनेक्टिविटी बनाए रखने के लिए 27 अगस्त को बैली ब्रिज तैयार किया गया था। लेकिन कुछ ही दिनों में तेज बहाव में इसके बह जाने से क्षेत्र में आवाजाही की समस्या दोबारा खड़ी हो गई है। लगातार बारिश के कारण पहाड़ी क्षेत्रों में नदी-नालों का जलस्तर बढ़ रहा है, जिससे पुलों और सड़कों पर दबाव बढ़ गया है।
सभी जिलों में बारिश की संभावना, दो जिलों में यलो अलर्ट
मौसम विभाग के अनुसार उत्तराखंड के सभी जिलों में आज बारिश की संभावना है। बागेश्वर और पिथौरागढ़ में कहीं-कहीं भारी बारिश को लेकर यलो अलर्ट जारी किया गया है। बागेश्वर में सुबह से ही तेज बारिश हो रही है। इसके अलावा हरिद्वार और ऊधम सिंह नगर में कहीं-कहीं आकाशीय बिजली चमकने की आशंका जताई गई है। मौसम विभाग ने लोगों से मौसम की स्थिति पर नजर रखने और सावधानी बरतने की अपील की है।
पहाड़ी जिलों में लगातार बारिश के कारण नदियों और बरसाती नालों का जलस्तर बढ़ सकता है। ऐसे में नदी-नालों के आसपास जाने, तेज बहाव वाले रास्तों से गुजरने और अनावश्यक यात्रा करने से बचने की सलाह दी गई है। प्रशासन की ओर से संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाने और किसी भी आपात स्थिति में तत्काल सूचना देने को कहा जा रहा है।
अगले तीन दिन कैसा रहेगा मौसम
14 सितंबर: मौसम विभाग के अनुसार पहाड़ी जिलों में कहीं-कहीं गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली चमकने और बारिश के तीव्र से अति तीव्र दौर होने की संभावना है। इस दौरान कुछ क्षेत्रों में तेज बारिश के कारण सड़क यातायात प्रभावित हो सकता है।
15 सितंबर: पहाड़ी जिलों में कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ बिजली गिरने और तेज से अति तेज बारिश होने की संभावना है। संवेदनशील पहाड़ी मार्गों, नदी-नालों और भूस्खलन प्रभावित क्षेत्रों में विशेष सतर्कता की जरूरत होगी।
16 सितंबर: सभी जिलों में मौसम शुष्क रहने की संभावना है, हालांकि पहाड़ों में बारिश हो सकती है। स्थानीय स्तर पर मौसम में बदलाव देखने को मिल सकता है।
लगातार बारिश के बीच कुलागाड़ बैली ब्रिज के बहने से सीमांत क्षेत्रों की कनेक्टिविटी को बड़ा झटका लगा है। अब लोगों की नजर प्रशासन और संबंधित विभागों पर है कि व्यास, दारमा और चौदांस घाटियों का संपर्क कितनी जल्दी बहाल किया जाता है।

