उत्तराखंड के विश्व प्रसिद्ध केदारनाथ धाम में बर्फबारी और बारिश के बाद ठंड का प्रकोप बढ़ गया है। ऊंचाई वाले क्षेत्रों में मौसम का मिजाज बदलने से तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई है। ऐसे में केदारनाथ यात्रा पर पहुंच रहे श्रद्धालुओं की सुरक्षा को देखते हुए प्रशासन और रुद्रप्रयाग पुलिस ने विशेष सतर्कता बरतने की अपील की है। श्रद्धालुओं को पर्याप्त गर्म कपड़े, दस्ताने, बरसाती और जरूरी दवाइयां साथ रखने की सलाह दी गई है।
ठंड से बचाव के लिए जरूरी इंतजाम करने की सलाह
केदारनाथ धाम समुद्र तल से काफी ऊंचाई पर स्थित है, जहां मौसम तेजी से बदल सकता है। बर्फबारी और बारिश के कारण ठंड बढ़ने से यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। पुलिस ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे यात्रा पर निकलने से पहले मौसम की जानकारी जरूर लें और प्रशासन की ओर से जारी निर्देशों का पालन करें।
यात्रियों को गर्म कपड़ों के साथ मजबूत और सुरक्षित जूते पहनने तथा अपनी नियमित दवाइयां साथ रखने की सलाह दी गई है। मौसम खराब होने या बर्फबारी बढ़ने की स्थिति में अनावश्यक जोखिम उठाने से बचने और सुरक्षा संबंधी निर्देशों का पालन करने पर भी जोर दिया गया है।
11 नवंबर को बंद होंगे केदारनाथ धाम के कपाट
इस वर्ष बाबा केदारनाथ धाम के कपाट 11 नवंबर 2026 को शीतकाल के लिए बंद किए जाने निर्धारित हैं। इसके साथ ही वर्तमान यात्रा सीजन अपने अंतिम चरण में पहुंच रहा है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, अब तक 17,84,660 से अधिक श्रद्धालु बाबा केदार के दर्शन कर चुके हैं।
यात्रा के अंतिम दिनों में भी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना को देखते हुए मौसम और स्वास्थ्य सुरक्षा को लेकर विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।
प्रशासन की अपील- सुरक्षा को प्राथमिकता दें श्रद्धालु
पुलिस और प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि वे अपनी शारीरिक क्षमता और मौसम की परिस्थितियों को ध्यान में रखकर यात्रा करें। ऊंचाई वाले क्षेत्र में अचानक ठंड बढ़ने से स्वास्थ्य संबंधी परेशानी हो सकती है, इसलिए पर्याप्त गर्म कपड़े पहनना और शरीर को गर्म रखना जरूरी है।
श्रद्धालुओं को सलाह दी गई है कि वे मौसम संबंधी अपडेट लेते रहें और किसी भी आपात स्थिति में पुलिस या प्रशासन से संपर्क करें। सुरक्षित यात्रा के लिए सावधानी, उचित तैयारी और प्रशासन के निर्देशों का पालन करना बेहद जरूरी है।

