शारदीय नवरात्रि की महानवमी के अवसर पर उत्तराखंड में सोमवार, 19 अक्टूबर को सार्वजनिक अवकाश रहेगा। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर राज्य में अवकाश घोषित किया गया है। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर प्रदेशवासियों को महानवमी की शुभकामनाएं देते हुए सभी के सुख, समृद्धि और खुशहाली की कामना की है। हालांकि, सार्वजनिक अवकाश के बावजूद बैंक और डाकघर खुले रहेंगे। ऐसे में सरकारी कार्यालयों में अवकाश रहने के बीच बैंकिंग और डाक सेवाओं से जुड़े कामकाज सामान्य रूप से जारी रहेंगे।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने महानवमी के महत्व का उल्लेख करते हुए कहा कि भारतीय संस्कृति और परंपराओं में मातृ शक्ति का विशेष स्थान है। नवरात्रि का पर्व नारी शक्ति, श्रद्धा, आस्था और भक्ति का प्रतीक है। यह पर्व समाज को मातृ शक्ति के सम्मान, सामर्थ्य और उसकी महत्वपूर्ण भूमिका का स्मरण कराता है। उन्होंने कामना की कि मां दुर्गा की कृपा से प्रदेश के सभी लोगों के जीवन में सुख, शांति, समृद्धि और खुशहाली आए।
नारी शक्ति के सम्मान का प्रतीक है महानवमी
शारदीय नवरात्रि के नौवें दिन महानवमी का पर्व मनाया जाता है। इस दिन मां दुर्गा के नौवें स्वरूप मां सिद्धिदात्री की पूजा-अर्चना की जाती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, महानवमी का दिन शक्ति, सिद्धि और सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक माना जाता है। नवरात्रि के दौरान श्रद्धालु नौ दिनों तक मां दुर्गा के विभिन्न स्वरूपों की पूजा करते हैं। महानवमी पर मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना, हवन और कन्या पूजन जैसे धार्मिक आयोजन किए जाते हैं।
उत्तराखंड में भी नवरात्रि को लेकर श्रद्धालुओं में खासा उत्साह रहता है। प्रदेश के विभिन्न मंदिरों में पूजा-अर्चना के लिए भक्त पहुंचते हैं। कई स्थानों पर भजन-कीर्तन और धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। महानवमी के अवसर पर सार्वजनिक अवकाश घोषित होने से सरकारी कार्यालयों में नियमित कामकाज नहीं होगा। हालांकि, बैंक और डाकघर खुले रहने के कारण इन सेवाओं से जुड़े लोगों को अपने जरूरी कार्यों के लिए सामान्य कार्यदिवस की सुविधा मिल सकेगी।
मुख्यमंत्री ने महानवमी के संदेश के माध्यम से समाज में महिलाओं के सम्मान और उनके योगदान को महत्वपूर्ण बताया। नवरात्रि का पर्व भारतीय परंपरा में शक्ति की उपासना के साथ-साथ परिवार और समाज में महिलाओं के महत्व को भी रेखांकित करता है। इस अवसर पर प्रदेशवासियों से पर्व को श्रद्धा, आस्था और उल्लास के साथ मनाने की अपेक्षा की गई है।

