नानकमत्ता में सेवा, स्वच्छता और सामाजिक सहभागिता का संदेश देते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सेवा संकल्प अभियान के तहत आयोजित स्वच्छता कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। इस दौरान उन्होंने आमजन के साथ मिलकर स्वच्छता के प्रति जागरूकता का संदेश दिया और लोगों से अपने आसपास के क्षेत्र को साफ-सुथरा रखने की अपील की।
कार्यक्रम की शुरुआत से पहले मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ऐतिहासिक गुरुद्वारा श्री नानकमत्ता साहिब पहुंचे। यहां उन्होंने श्रद्धापूर्वक मत्था टेका और प्रदेश की सुख-समृद्धि, शांति एवं खुशहाली की कामना की। गुरुद्वारा परिसर में मुख्यमंत्री ने धार्मिक आस्था के साथ प्रदेशवासियों के उज्ज्वल भविष्य और उत्तराखंड की निरंतर प्रगति की प्रार्थना की।
इसके बाद मुख्यमंत्री सेवा संकल्प अभियान के तहत आयोजित स्वच्छता कार्यक्रम में शामिल हुए। उन्होंने स्वच्छता अभियान में सहभागिता करते हुए स्वच्छ और सुंदर वातावरण के निर्माण का संदेश दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वच्छता केवल किसी एक विभाग या संस्था की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि इसमें प्रत्येक नागरिक की सक्रिय भागीदारी जरूरी है। जब समाज के सभी लोग मिलकर स्वच्छता को अपनी जिम्मेदारी समझेंगे, तभी स्वच्छ और स्वस्थ प्रदेश का संकल्प पूरा किया जा सकता है।
उन्होंने कहा कि धार्मिक एवं ऐतिहासिक स्थलों की स्वच्छता और सुंदरता बनाए रखना विशेष रूप से जरूरी है। ऐसे स्थानों पर देश-प्रदेश से श्रद्धालु और पर्यटक पहुंचते हैं। इन स्थलों की स्वच्छता से न केवल उनकी गरिमा बनी रहती है, बल्कि उत्तराखंड की सकारात्मक छवि भी देश-दुनिया के सामने मजबूत होती है।
मुख्यमंत्री ने लोगों से अपील की कि वे सार्वजनिक स्थानों पर कूड़ा न फेंकें और स्वच्छता व्यवस्था बनाए रखने में प्रशासन का सहयोग करें। उन्होंने कहा कि स्वच्छता को अभियान तक सीमित रखने के बजाय इसे दैनिक जीवन का हिस्सा बनाया जाना चाहिए।
सेवा संकल्प अभियान के माध्यम से मुख्यमंत्री ने समाज में सेवा भावना, स्वच्छता और सामूहिक जिम्मेदारी को बढ़ावा देने पर जोर दिया। नानकमत्ता में आयोजित कार्यक्रम ने धार्मिक आस्था के साथ सामाजिक जिम्मेदारी का भी संदेश दिया। स्थानीय लोगों और अभियान से जुड़े प्रतिभागियों ने स्वच्छता के प्रति अपनी प्रतिबद्धता जताई।
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि उत्तराखंड की पहचान उसकी प्राकृतिक सुंदरता, धार्मिक आस्था और सांस्कृतिक विरासत से है। इसलिए प्रदेश को स्वच्छ, सुंदर और व्यवस्थित बनाए रखना सरकार के साथ-साथ हर नागरिक का दायित्व है।

