September 30, 2026
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NHAI ने हाईवे परियोजनाओं की गुणवत्ता जांच के लिए बनाई विशेष टीम, 17 प्रोजेक्ट होंगे कवर

भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) निर्माणाधीन राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए 17 परियोजनाओं की विशेष जांच करेगा। इन परियोजनाओं में ठेकेदारों की बोली अनुमानित लागत से 15 प्रतिशत से अधिक कम रही है। विशेष जांच का उद्देश्य निर्माण के शुरुआती चरण में गुणवत्ता से जुड़ी कमियों की पहचान करना और समय पर सुधारात्मक कार्रवाई सुनिश्चित करना है।

NHAI के अनुसार, यह जांच नियमित गुणवत्ता जांच के अतिरिक्त की जाएगी। विशेष जांच का पहला दौर दिसंबर 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य है। इसके छह महीने बाद इन परियोजनाओं की दोबारा जांच की जाएगी। इस बार अलग विशेषज्ञ टीम को जिम्मेदारी दी जाएगी, ताकि निर्माण की गुणवत्ता और तय मानकों के पालन की स्वतंत्र रूप से समीक्षा की जा सके।

विशेष जांच के लिए 17 परियोजनाओं का चयन तीन आधारों पर किया गया है। इनमें परियोजना की निर्माण लागत 500 करोड़ रुपये से अधिक होना, निविदा में 15 प्रतिशत से अधिक की छूट यानी कम बोली होना और परियोजना का भौतिक काम 35 से 80 प्रतिशत के बीच पूरा होना शामिल है। इन मानकों के जरिए निर्माण के महत्वपूर्ण चरण में पहुंच चुकी परियोजनाओं की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।

चयनित परियोजनाओं में ग्रीनफील्ड और नियंत्रित पहुंच वाले गलियारे, बाईपास तथा चार और छह लेन वाली सड़क परियोजनाएं शामिल हैं। ये परियोजनाएं कर्नाटक, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, पंजाब, हरियाणा, गुजरात और उत्तर प्रदेश में हैं।

गुणवत्ता जांच के लिए NHAI ने अनुभवी विशेषज्ञों का एक समूह तैयार किया है। जांच विशेष टीमों द्वारा की जाएगी, जिनका नेतृत्व विभिन्न सरकारी संगठनों से जुड़े 39 अनुभवी और सेवानिवृत्त इंजीनियर करेंगे। इनमें सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय, रेल मंत्रालय, रक्षा मंत्रालय और विभिन्न राज्यों के लोक निर्माण विभागों के इंजीनियर शामिल हैं। जरूरत के अनुसार तकनीकी विशेषज्ञ भी टीमों की मदद करेंगे।

जांच के दौरान निर्माण कार्य को स्वीकृत नक्शों, तकनीकी मानकों, अनुबंध की शर्तों और परियोजना की गुणवत्ता योजना के आधार पर परखा जाएगा। निर्माण सामग्री, काम की गुणवत्ता, निर्माण की प्रक्रिया तथा सामग्री के नमूने लेने और उनकी जांच से जुड़े रिकॉर्ड की भी समीक्षा होगी।

इसके अलावा सड़क सुरक्षा उपायों, यातायात प्रबंधन और जहां जरूरी हो वहां पर्यावरण सुरक्षा मानकों की भी जांच की जाएगी। तय मानकों के अनुरूप नहीं पाए जाने वाले काम की पहचान कर संबंधित अनुबंध प्रावधानों के तहत सुधारात्मक कार्रवाई की जाएगी।

NHAI के अनुसार, विशेष जांच से निर्माण परियोजनाओं में सामने आने वाली सामान्य गुणवत्ता संबंधी समस्याओं और बेहतर निर्माण प्रक्रियाओं की पहचान करने में भी मदद मिलेगी। इससे ठेकेदारों, सलाहकारों और अन्य संबंधित पक्षों की जवाबदेही तय करने वाले क्षेत्रों को भी चिन्हित किया जा सकेगा।

यह पहल देश में निर्माणाधीन राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं की गुणवत्ता निगरानी को मजबूत करने के NHAI के प्रयासों का हिस्सा है। इसका उद्देश्य समय पर कमियों को दूर करते हुए देश में विश्वस्तरीय राष्ट्रीय राजमार्ग नेटवर्क विकसित करना है।

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