एशिया कप में शानदार प्रदर्शन के बाद भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने एशियाई खेलों में भी अपना दबदबा कायम रखा है। हरमनप्रीत कौर की अगुआई वाली भारतीय टीम ने मंगलवार को श्रीलंका को 147 रन के बड़े अंतर से हराकर दूसरी बार एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक अपने नाम किया। इस जीत के साथ भारतीय खिलाड़ियों ने तिरंगे को एक बार फिर सबसे ऊंचे स्थान पर लहराया। 20वें एशियाई खेलों में यह भारत का पहला स्वर्ण पदक बताया जा रहा है।
भारतीय टीम की इस शानदार जीत की सबसे बड़ी वजह उसकी आक्रामक बल्लेबाजी रही। टीम ने शुरुआत से ही श्रीलंकाई गेंदबाजों पर दबाव बनाए रखा और मुकाबले में बड़ा स्कोर खड़ा करने में सफलता हासिल की। सलामी बल्लेबाज स्मृति मंधाना ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए महज 45 गेंदों में 79 रन की तूफानी पारी खेली। उनकी पारी में आक्रामक शॉट्स के साथ-साथ टीम को मजबूत शुरुआत देने का महत्वपूर्ण योगदान रहा।
मध्यक्रम और अंतिम ओवरों में ऋचा घोष ने अपनी विस्फोटक बल्लेबाजी से मुकाबले का रुख पूरी तरह भारत के पक्ष में कर दिया। उन्होंने केवल 22 गेंदों में 49 रन बनाकर श्रीलंकाई गेंदबाजों की मुश्किलें बढ़ा दीं। ऋचा की तेजतर्रार पारी ने भारतीय टीम के स्कोर को बड़े लक्ष्य तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई।
भारतीय बल्लेबाजों के शानदार प्रदर्शन के बाद गेंदबाजों ने भी श्रीलंका पर दबाव बनाए रखा। 147 रन की बड़ी जीत ने भारतीय महिला टीम के मजबूत प्रदर्शन को दर्शाया। एशिया कप के बाद एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक हासिल करना टीम के लिए एक और बड़ी उपलब्धि है। इस जीत के साथ भारतीय महिला क्रिकेट ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी क्षमता और निरंतरता का परिचय दिया।

