उत्तराखंड में मानसून की रफ्तार अब कमजोर पड़ने लगी है। मौसम में बदलाव के साथ प्रदेश के कई हिस्सों में सुबह और शाम के समय हल्की ठंड महसूस होने लगी है। पहाड़ी क्षेत्रों में मौसम का असर ज्यादा दिखाई दे रहा है। गुरुवार को बद्रीनाथ, केदारनाथ, हेमकुंड साहिब और पिथौरागढ़ की ऊंची चोटियों पर बर्फबारी हुई, जिसके बाद तापमान में गिरावट दर्ज की गई। ऊंचाई वाले इलाकों में ठंड बढ़ने के साथ ही मौसम का मिजाज भी बदलता नजर आ रहा है।
मौसम विभाग के अनुसार, शनिवार को उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर और पिथौरागढ़ जिलों में कहीं-कहीं बहुत हल्की से हल्की बारिश हो सकती है। कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ बौछार पड़ने की भी संभावना है। राज्य के अन्य जिलों में मौसम मुख्य रूप से शुष्क रहने का अनुमान है। मौसम विभाग ने पहाड़ी क्षेत्रों में स्थानीय स्तर पर होने वाले मौसम परिवर्तन को देखते हुए लोगों और यात्रियों को सतर्क रहने की सलाह दी है।
इधर, रुद्रप्रयाग जिले में केदारनाथ पैदल मार्ग पर चिरबासा के पास पहाड़ी से लगातार पत्थर गिरने के कारण सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन ने बड़ा फैसला लिया है। यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए केदारनाथ यात्रा को सुबह 9 बजे तक करीब तीन घंटे के लिए रोक दिया गया है। इस दौरान यात्रियों को सुरक्षित स्थानों पर रोका गया है। प्रशासन और संबंधित विभाग की टीमें मार्ग की स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। पत्थर गिरने का सिलसिला थमने और पैदल मार्ग की सुरक्षा का जायजा लेने के बाद ही यात्रा दोबारा शुरू करने का निर्णय लिया जाएगा।
केदारनाथ धाम की यात्रा के दौरान पहाड़ी क्षेत्रों में अचानक मौसम बदलने और भूस्खलन या पत्थर गिरने की घटनाओं को देखते हुए यात्रियों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी जा रही है। बारिश के कारण पैदल मार्ग के कुछ हिस्सों में खतरा बढ़ सकता है। ऐसे में प्रशासन की ओर से यात्रियों को सुरक्षित स्थानों पर रहने और मौसम तथा यात्रा संबंधी निर्देशों का पालन करने को कहा जा रहा है।
इस बीच प्रदेश में 25 सितंबर से एक बार फिर बारिश का दौर शुरू होने की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग के अनुसार, इस दौरान कुछ क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। बारिश का असर पहाड़ी जिलों के साथ मैदानी इलाकों में भी देखने को मिल सकता है। मानसून की विदाई की ओर बढ़ते मौसम के बीच तापमान में धीरे-धीरे बदलाव आने की संभावना है। सुबह-शाम ठंड बढ़ने के साथ आने वाले दिनों में प्रदेश में मौसम का मिजाज और बदल सकता है।

