Uttarakhand DIPR
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October 7, 2026
Daily Lok Manch
उत्तराखंड

उत्तराखंड के विकास को मिलेगी नई रफ्तार, विश्व बैंक से आर्थिक और तकनीकी सहयोग पर चर्चा

देहरादून सचिवालय में गुरुवार को मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन और विश्व बैंक के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य ज्ञान अधिकारी पास्कल डोनोहोई के बीच महत्वपूर्ण बैठक हुई। विश्व बैंक की टीम की मौजूदगी में हुई इस बैठक में उत्तराखंड के विकास, रोजगार, जल संरक्षण, बढ़ते शहरों, जलवायु परिवर्तन और आपदा प्रबंधन सहित कई अहम मुद्दों पर चर्चा की गई। राज्य सरकार ने विकास से जुड़ी योजनाओं के लिए विश्व बैंक से आर्थिक और तकनीकी सहयोग का अनुरोध किया।

जल स्रोतों के संरक्षण पर जोर

मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने कहा कि उत्तराखंड के प्रत्येक जिले में नदियों को पुनर्जीवित करने और प्राकृतिक जल स्रोतों के संरक्षण के लिए काम किया जा रहा है। भविष्य में पानी की बढ़ती जरूरत और संभावित संकट को देखते हुए वर्षा जल संरक्षण को प्राथमिकता दी जा रही है। घरों और संस्थानों में वर्षा जल संचयन को बढ़ावा देने के लिए भी प्रयास किए जा रहे हैं। इन योजनाओं के लिए विश्व बैंक से आर्थिक और तकनीकी सहयोग मांगा गया।

गांवों में रोजगार बढ़ाने की तैयारी

बैठक में ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर बढ़ाने और पलायन रोकने पर भी विशेष चर्चा हुई। मुख्य सचिव ने कहा कि स्थानीय स्तर पर रोजगार के अधिक अवसर उपलब्ध कराने से युवाओं को अपने क्षेत्र में ही काम मिल सकेगा। साथ ही दूसरे स्थानों पर जा चुके लोगों को वापस गांवों में बसने के लिए प्रोत्साहित करने की दिशा में भी काम किया जा रहा है। स्थानीय अर्थव्यवस्था मजबूत होने से पलायन को कम करने में मदद मिलेगी।

शिक्षा और बुनियादी क्षेत्रों में सहयोग

बदलती जरूरतों के अनुसार स्कूली और तकनीकी शिक्षा को बेहतर बनाने के लिए भी विश्व बैंक के सहयोग की संभावनाओं पर चर्चा हुई। इसके अलावा ऊर्जा, वित्त और पेयजल से जुड़ी राज्य की योजनाओं और परियोजनाओं की जानकारी विश्व बैंक की टीम को दी गई।

शहरों के विस्तार और आपदा प्रबंधन पर मंथन

उत्तराखंड में तेजी से बढ़ते शहरी क्षेत्रों को देखते हुए सुनियोजित विकास और बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करने पर भी विचार हुआ। पानी समेत अन्य आवश्यक सुविधाओं की भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए योजनाएं तैयार करने पर जोर दिया गया। इसके साथ ही भूस्खलन, बाढ़ और अन्य प्राकृतिक आपदाओं के जोखिम को देखते हुए राज्य को अधिक सुरक्षित बनाने के उपायों पर भी चर्चा की गई।

2047 तक विकसित उत्तराखंड का लक्ष्य

बैठक में उत्तराखंड को वर्ष 2047 तक मजबूत और विकसित राज्य बनाने की दीर्घकालिक योजना पर भी विचार किया गया। पास्कल डोनोहोई ने राज्य की विकास प्राथमिकताओं को समझते हुए प्रमुख परियोजनाओं में सहयोग की संभावनाओं पर चर्चा की। विश्व बैंक की ओर से उत्तराखंड की जरूरतों के अनुरूप आर्थिक और तकनीकी सहायता की संभावनाओं पर विचार करने की बात कही गई। दोनों पक्षों ने भविष्य की विकास परियोजनाओं को आगे बढ़ाने के लिए मिलकर काम करने पर जोर दिया।

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