उत्तराखंड के दुर्गम और दूरदराज पहाड़ी गांवों तक डाक और पार्सल पहुंचाने के लिए डाक विभाग अब ड्रोन तकनीक का इस्तेमाल करने की तैयारी कर रहा है। इसके लिए प्रदेश में संभावित ड्रोन मार्ग चिह्नित किए जा रहे हैं। शुरुआती चरण में पौड़ी जिले को पायलट प्रोजेक्ट के लिए चुने जाने की संभावना है। योजना के तहत उन क्षेत्रों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा, जहां सड़क मार्ग से डाक पहुंचाने में लंबा समय लगता है।
पायलट प्रोजेक्ट के दौरान चयनित इलाकों में ड्रोन के जरिए डाक और पार्सल पहुंचाने का परीक्षण किया जाएगा। यदि यह प्रयोग सफल रहता है तो इसे उत्तराखंड के अन्य दुर्गम पहाड़ी जिलों तक भी विस्तार दिया जा सकता है। इससे दूरस्थ गांवों के लोगों को डाक के लिए लंबे समय तक इंतजार नहीं करना पड़ेगा और कम समय में जरूरी सामान पहुंचाया जा सकेगा।
उत्तराखंड में भौगोलिक परिस्थितियों के कारण कई इलाकों में डाक पहुंचाना चुनौतीपूर्ण रहता है। बारिश के दौरान भूस्खलन और सड़कें बंद होने से संपर्क प्रभावित हो जाता है, जबकि सर्दियों में ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी के कारण आवाजाही मुश्किल हो जाती है। ऐसे हालात में ड्रोन डिलीवरी काफी उपयोगी साबित हो सकती है।
डाक विभाग की यह पहल सामान्य डाक और पार्सल पहुंचाने के साथ आपदा की स्थिति में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। सड़क संपर्क टूटने पर जरूरी दस्तावेज, दवाइयां और अन्य आवश्यक सामग्री दूरस्थ क्षेत्रों तक तेजी से पहुंचाई जा सकती है। योजना के सफल होने पर पहाड़ों में डाक व्यवस्था को अधिक तेज और सुगम बनाने में मदद मिलेगी।

