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October 9, 2026
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राष्ट्रीय

New financial year start 1 अप्रैल से नया वित्त वर्ष शुरू : कॉमर्शियल सिलेंडर हुआ महंगा, रेल टिकट-फास्टैग-टैक्स समेत 11 बड़े बदलाव आज से लागू


नए वित्त वर्ष की शुरुआत आम लोगों की जेब पर असर डालने वाले कई बदलावों के साथ हुई है। 1 अप्रैल से कॉमर्शियल गैस सिलेंडर महंगा हो गया है, वहीं रेल टिकट कैंसिलेशन के नियम सख्त कर दिए गए हैं। फास्टैग, टोल भुगतान, इनकम टैक्स, बैंकिंग और वाहन कीमतों से जुड़े कुल 11 बड़े बदलाव आज से लागू हो गए हैं, जिनका सीधा असर आम आदमी और कारोबार दोनों पर पड़ेगा।


नए वित्त वर्ष के पहले दिन यानी 1 अप्रैल से कई अहम नियम बदल गए हैं। सरकारी तेल कंपनियों ने कॉमर्शियल गैस सिलेंडर के दाम ₹218 तक बढ़ा दिए हैं। चेन्नई में इसकी कीमत ₹2246.50 तक पहुंच गई है, जबकि दिल्ली में यह ₹2078.50 हो गया है। सिलेंडर महंगा होने से रेस्टोरेंट, ढाबा और कैटरिंग सेवाओं की लागत बढ़ेगी, जिससे चाय-नाश्ता, थाली और शादी-समारोह की कैटरिंग महंगी हो सकती है।

रेल यात्रियों के लिए भी नियम सख्त हुए हैं। अब ट्रेन छूटने से 8 घंटे पहले तक ही टिकट कैंसिल करने पर रिफंड मिलेगा, जबकि पहले यह सीमा 4 घंटे थी। हालांकि यात्री ट्रेन छूटने से 30 मिनट पहले तक बोर्डिंग स्टेशन बदल सकेंगे। नए नियम से समय पर टिकट रद्द नहीं करने पर पैसों का नुकसान हो सकता है, लेकिन कंफर्म टिकट मिलने की संभावना बढ़ेगी।

फास्टैग से जुड़े नियमों में भी बदलाव हुआ है। एनुअल पास रिन्यू कराने पर 2.5 प्रतिशत अधिक शुल्क देना होगा। अब सालाना पास ₹3000 की जगह ₹3075 में मिलेगा। इसके अलावा सभी टोल प्लाजा पर कैश भुगतान पूरी तरह बंद कर दिया गया है। अब टोल टैक्स केवल फास्टैग या यूपीआई जैसे डिजिटल माध्यम से ही देना होगा।

1 अप्रैल से गाड़ियों की कीमतों में भी 2 से 3 प्रतिशत तक बढ़ोतरी हो गई है। यदि किसी ने 31 मार्च तक बिलिंग नहीं करवाई है, तो अब बढ़ी हुई कीमत चुकानी होगी। इससे नई कार खरीदने वालों पर अतिरिक्त बोझ पड़ेगा।

टैक्स से जुड़े नियमों में भी बदलाव लागू हुए हैं। अब ‘असेसमेंट ईयर’ की जगह केवल ‘टैक्स ईयर’ शब्द का इस्तेमाल होगा। इसके साथ संशोधित टैक्स रिजीम के तहत 12 लाख से 12.75 लाख रुपए तक की आय पर टैक्स राहत का प्रावधान लागू रहेगा।

TDS से जुड़े दस्तावेजों में भी बदलाव किया गया है। फॉर्म 16 और 16A की जगह अब नए फॉर्म 130 और 131 जारी किए जाएंगे। इनमें टैक्स और छूट की जानकारी अधिक विस्तार से दी जाएगी, जिससे ITR फाइलिंग आसान होगी।

HRA टैक्स छूट के नियम भी सख्त किए गए हैं। अब किराया रसीद देना जरूरी होगा और सालाना किराया 1 लाख से अधिक होने पर मकान मालिक का पैन देना अनिवार्य होगा। साथ ही बेंगलुरु, हैदराबाद, पुणे और अहमदाबाद को भी 50 प्रतिशत टैक्स छूट वाली श्रेणी में शामिल किया गया है।

बैंकिंग क्षेत्र में पंजाब नेशनल बैंक ने ATM निकासी सीमा तय कर दी है। क्लासिक डेबिट कार्ड से अब प्रतिदिन ₹25 हजार और प्लैटिनम कार्ड से ₹50 हजार तक ही निकासी हो सकेगी।

इसके अलावा पैन कार्ड बनवाने के नियमों में भी बदलाव हुआ है। अब जन्मतिथि प्रमाण के लिए आधार कार्ड मान्य नहीं होगा। नए पैन या जन्मतिथि संशोधन के लिए जन्म प्रमाण पत्र या 10वीं की मार्कशीट जैसे दस्तावेज देने होंगे।

नए वित्त वर्ष के पहले दिन लागू हुए इन बदलावों का असर आम लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी से लेकर टैक्स, यात्रा और खरीदारी तक पर पड़ेगा।

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