देहरादून। उत्तराखंड की राजनीति में शुक्रवार को बड़ा घटनाक्रम देखने को मिला, जब नवरात्र के पावन अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के मंत्रिमंडल का विस्तार किया गया। सुबह करीब 10 बजे लोकभवन में आयोजित भव्य शपथ ग्रहण समारोह में पांच नए मंत्रियों को कैबिनेट में शामिल किया गया।

राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेनि.) ने सभी नवनियुक्त मंत्रियों को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई। समारोह की शुरुआत राजपुर विधायक खजान दास की शपथ से हुई, जिसके बाद भरत सिंह चौधरी ने संस्कृत में शपथ लेकर कार्यक्रम को विशेष बनाया।
इसके बाद वरिष्ठ विधायक मदन कौशिक, प्रदीप बत्रा और राम सिंह कैड़ा ने भी मंत्रिपद की शपथ ली। इस मौके पर मुख्यमंत्री धामी सहित सरकार के कई वरिष्ठ मंत्री, विधायक और अधिकारी उपस्थित रहे। शपथ ग्रहण समारोह के दौरान भाजपा कार्यकर्ताओं में खासा उत्साह देखने को मिला।
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, इस कैबिनेट विस्तार को आगामी चुनावी समीकरणों और क्षेत्रीय संतुलन को साधने की रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है। पार्टी ने विभिन्न क्षेत्रों और सामाजिक वर्गों को प्रतिनिधित्व देने का प्रयास किया है, जिससे संगठन और सरकार दोनों को मजबूती मिल सके।
खजान दास और प्रदीप बत्रा जैसे नेताओं को शामिल कर पार्टी ने देहरादून और हरिद्वार क्षेत्र को साधने की कोशिश की है, जबकि मदन कौशिक के अनुभव का लाभ सरकार को मिलने की उम्मीद है। वहीं, भरत सिंह चौधरी और राम सिंह कैड़ा को शामिल कर संगठनात्मक संतुलन बनाने की रणनीति अपनाई गई है।
इस विस्तार के बाद अब धामी कैबिनेट और अधिक प्रभावी और संतुलित नजर आ रही है। माना जा रहा है कि आने वाले समय में सरकार विकास कार्यों को और तेज गति देने के साथ-साथ जनहित से जुड़े मुद्दों पर भी अधिक फोकस करेगी।
नवरात्र के दूसरे दिन हुए इस शपथ ग्रहण समारोह को शुभ संकेत के रूप में देखा जा रहा है, जो प्रदेश में नई ऊर्जा और विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

