विजयदशमी के दिन उत्तराखंड के चारधामों में से एक, पवित्र बद्रीनाथ धाम के कपाट बंद होने की तिथि की घोषणा हो गई है। इसी के साथ केदारनाथ धाम, द्वितीय केदार मद्महेश्वर जी और तृतीय केदार तुंगनाथ जी के भी कपाट बंद होने की तिथि की घोषणा हो गई है। उत्तराखंड के चारधामों में से एक, हर साल की तरह इस बार भी कपाट बंद होने की पारंपरिक प्रक्रिया विधि-विधान और श्रद्धा के साथ संपन्न की जाएगी। बद्रीनाथ धाम के कपाट इस साल 25 नवंबर (मंगलवार) को दोपहर 2 बजकर 56 मिनट पर शीतकाल के लिए बंद कर दिए जाएंगे।केदारनाथ धाम और यमुनोत्री धाम के कपाट 23 अक्टूबर को बंद होंगे जबकि गंगोत्री के कपाट दीवाली के अगले दिन बंद होंगे। गंगोत्री धाम के कपाट अन्नकूट गोवर्धन पूजा के अवसर पर 22 अक्टूबर अभिजीत मुहूर्त में शीतकाल के लिए बंद हो रहे है। इसी तरह द्वितीय केदार मद्महेश्वर जी के कपाट 18 नवंबर तथा तृतीय केदार तुंगनाथ के कपाट 6 नवंबर को शीतकाल हेतु बंद हो रहे है। सर्दियों में भारी बर्फबारी और भीषण ठंड की चपेट में रहने के कारण उच्च हिमालयी क्षेत्र में स्थित चार धामों के कपाटों को हर साल अक्टूबर,नवंबर में श्रद्धालुओं के लिए बंद कर दिया जाता है जो अगले साल अप्रैल,मई में दोबारा खोल दिए जाते हैं ।हर साल लाखों श्रद्धालु बद्रीनाथ-केदारनाथ यात्रा में शामिल होते हैं और कपाट बंद होने से पहले भगवान के दर्शन के लिए विशेष रूप से पहुंचते हैं। कपाट बंद होने के बाद देव प्रतिमाओं को शीतकालीन गद्दीस्थल पर ले जाया जाता है, जहां पूरे सर्दी के दौरान पूजा-अर्चना जारी रहती है।

