अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच जारी जंग का आज 26वां दिन है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने मंगलवार को दावा किया कि अमेरिका ने इस संघर्ष में बढ़त हासिल कर ली है और ईरान अब समझौते के लिए तैयार हो गया है। व्हाइट हाउस में मीडिया से बातचीत के दौरान ट्रम्प ने कहा कि लगातार हमलों के बाद ईरान काफी कमजोर पड़ चुका है और उसके पास बातचीत के अलावा ज्यादा विकल्प नहीं बचे हैं।
ट्रम्प के मुताबिक ईरान ने परमाणु हथियार नहीं बनाने पर सहमति जताई है और दोनों पक्षों के बीच डील को लेकर बातचीत जारी है। उन्होंने बताया कि इस प्रक्रिया में अमेरिका के शीर्ष अधिकारी भी शामिल हैं। ट्रम्प ने यह भी कहा कि अमेरिकी विमान तेहरान के ऊपर निगरानी कर रहे हैं और स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।
हालांकि, ट्रम्प ने चेतावनी दी कि अगर बातचीत सफल नहीं होती है तो अमेरिका ईरान के ऊर्जा ढांचे, खासकर पावर प्लांट्स को फिर निशाना बना सकता है। उनके इस बयान के बाद क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया है।
ईरान में हमलों का असर
जंग के दौरान ईरान में भारी तबाही हुई है। अब तक करीब 1,500 लोगों की मौत और 18,551 के घायल होने की खबर है। मरने वालों में 8 महीने के बच्चे से लेकर 88 साल तक के बुजुर्ग शामिल हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार करीब 200 महिलाओं की भी मौत हुई है।
28 फरवरी को एक स्कूल पर हुए हमले में 168 बच्चों की जान चली गई, जिसने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता बढ़ा दी। इसके अलावा जंग के दौरान 55 हेल्थ वर्कर्स घायल हुए, जिनमें 11 की मौत हो चुकी है।
इस बीच मंगलवार रात इराक के एक होटल पर ड्रोन हमला किया गया। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक होटल की जिस मंजिल को निशाना बनाया गया, वहां अमेरिकी कर्मचारी ठहरे हुए थे। वहीं ईरान ने इजराइल की राजधानी तेल अवीव पर भी मिसाइल दागीं, जिससे कई वाहन क्षतिग्रस्त हो गए।
ईरान ने मंगलवार को इजराइल और अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाते हुए कई मिसाइलें दागीं। लगातार हमलों और जवाबी कार्रवाई के बीच क्षेत्र में तनाव चरम पर है, जबकि संभावित समझौते को लेकर कूटनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं।

