राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने संसद के शीतकालीन सत्र में पारित किये गए ‘भारत के रुपांतरण के लिए नाभिकीय ऊर्जा का संधारणीय दोहन और अभिवर्द्धन (शांति) विधेयक’ को मंजूरी दे दी। सरकार ने इस बाबत एक अधिसूचना भी जारी की है। इसमें कहा गया है कि राष्ट्रपति ने शनिवार को शांति विधेयक को मंजूरी दी।
बता दें कि यह बिल शीतकालीन सत्र के दौरान गुरुवार को संसद के दोनों सदनों लोकसभा और राज्यसभा से पारित कर दिया गया था। जिसके बाद इसे राष्ट्रपति के पास उनकी मंजूरी के लिए भेजा गया था। अब जबकि यह विधेयक कानून बन गया है तो लंबे समय से चली आ रही कानूनी बाधाओं को दूर करेगा, निजी कंपनियों के लिए परमाणु ऊर्जा उत्पादन के द्वार खोलेगा और उस दायित्व व्यवस्था में सुधार करेगा जिसने एक दशक से अधिक समय से निवेश को सीमित कर रखा है। शांति विधेयक का मूल उद्देश्य भारत को कड़े नियंत्रण वाले, सरकार के प्रभुत्व वाले परमाणु क्षेत्र से एक अधिक विविध मॉडल की ओर ले जाना है, जो संवेदनशील गतिविधियों पर सरकारी नियंत्रण बनाए रखते हुए निजी भागीदारी की अनुमति देता है।
previous post

