प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज अयोध्या में राम मंदिर के शिखर पर भगवा धर्म ध्वजारोहण करेंगे। राम मंदिर के लिए, खास तौर पर तैयार किए गए इस 22 फीट लंबे और 11 फीट चौड़े ध्वज के माध्यम से मंदिर का निर्माण कार्य पूरा होने का संदेश दिया जाएगा। डिफेंस मिनिस्ट्री की गाइडलाइंस के मुताबिक, गुजरात में अहमदाबाद के एक पैराशूट स्पेशलिस्ट के बनाए गए इस ध्वज का वजन दो से तीन किलो के बीच है। यह ध्वज 161 फीट ऊंचे मंदिर के शिखर और 42 फीट ऊंचे झंडे के पोल के हिसाब से तैयार किया गया है। पीएम मोदी आज सुबह 11.52 बजे से दोपहर 12.35 बजे के बीच शुभ मुहूर्त में ध्वजारोहण करेंगे। पढ़िए, ध्वजारोहण कार्यक्रम से जुड़े सभी लाइव अपडेट।



राम मंदिर में विराजमान रामलला के वस्त्र डिजाइन करने वाले मनीष त्रिपाठी का कहना है कि आंध्र और कर्नाटक की सीमा पर एक कारखाना है। यहां भगवान के लिए वस्त्रों का निर्माण होता है। आज के मौके पर भगवान राम यहीं से लाए वस्त्र पहनेंगे। वह आज सोने का पीतांबर धारण करेंगे।
पीएम नरेंद्र मोदी ध्वजारोहण से पहले करीब 10 बजे सप्त मंदिर जाएंगे। यहां पर वह महर्षि वशिष्ठ, महर्षि विश्वामित्र, महर्षि अगस्त्य, महर्षि वाल्मीकि, देवी अहिल्या, निषादराज गुहा और माता शबरी मंदिर में पूजा करेंगे। इसके बाद शेषावतार मंदिर जाएंगे। सुबह करीब 11 बजे माता अन्नपूर्णा मंदिर जाएंगे। इसके बाद राम दरबार गर्भगृह में दर्शन-पूजन करेंगे।




अयोध्या में इस समय श्री राम मंदिर ध्वजारोहण समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वागत की भव्य तैयारियां चल रही हैं। समारोह में भाग लेने वाले मेहमान आने लगे हैं। उन्हें उनके लिए तय गेट से मंदिर परिसर में प्रवेश दिया जा रहा है।
राम मंदिर निर्माण की यात्रा वैसे तो देश की आजादी से पहले से चल रही है। लेकिन पिछले लगभग एक दशक में कुछ अहम पड़ाव आए। इनमें से कुछ खास हैं: 9 नवंबर 2019 को सुप्रीम कोर्ट से राम मंदिर के हक में फैसला आया। इसके बाद 25 मार्च 2020 की सुबह टेंट से अस्थायी मंदिर में रामलला विराजमान किए गए। 5 अगस्त 2020 को पीएम नरेंद्र मोदी के हाथों भूमि पूजन
किया गया। इसके बाद 22 जनवरी 2024 को भव्य राम मंदिर में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा हुई। इसी साल 14 अप्रैल 2025 को मुख्य शिखर पर कलश की स्थापना की गई, फिर 5 जून 2025 को प्रथम तल पर राम दरबार की स्थापना हुई।

