हिमाचल प्रदेश में नगर पंचायत और नगर परिषदों में चेयरमैन तथा वाइस चेयरमैन के डायरेक्ट चुनाव कराने को लेकर सरकार फिलहाल फैसला नहीं ले पाई है। सोमवार को मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में इस प्रस्ताव पर चर्चा हुई, लेकिन इस पर सहमति नहीं बन सकी।
सूत्रों के अनुसार, बैठक में कुछ मंत्रियों ने चेयरमैन और वाइस चेयरमैन के सीधे चुनाव के पक्ष में तर्क दिए, जबकि कई मंत्रियों ने मौजूदा अप्रत्यक्ष प्रणाली को जारी रखने की बात कही। इसी वजह से कैबिनेट ने इस मुद्दे पर अंतिम निर्णय टाल दिया और विस्तृत अध्ययन के बाद दोबारा प्रस्ताव लाने का सुझाव दिया गया।
बताया जा रहा है कि सरकार नगर निकाय चुनाव से पहले व्यवस्था में बदलाव पर विचार कर रही है। डायरेक्ट चुनाव लागू होने पर जनता सीधे चेयरमैन और वाइस चेयरमैन का चुनाव करती, जबकि वर्तमान व्यवस्था में चुने गए पार्षदों के माध्यम से इन पदों का चयन होता है।
कैबिनेट में मतभेद सामने आने के बाद अब इस प्रस्ताव पर विभागीय स्तर पर और मंथन किया जाएगा। इसके बाद संशोधित प्रस्ताव अगली कैबिनेट बैठक में रखा जा सकता है। फिलहाल, नगर पंचायत और नगर परिषदों में चेयरमैन व वाइस चेयरमैन के चुनाव पुराने तरीके से ही होने की संभावना बनी हुई है।

