हिमाचल को हर साल 10 हजार करोड़ मिले, केंद्र से वित्तीय राहत की जोरदार मांग हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आज दिल्ली में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा से मुलाकात कर राज्य के गंभीर वित्तीय हालात का मुद्दा मजबूती से उठाया। मुख्यमंत्री ने वित्त मंत्री के समक्ष राज्य की आर्थिक चुनौतियों, सीमित संसाधनों और विशेष भौगोलिक परिस्थितियों का हवाला देते हुए केंद्र से ठोस सहायता की मांग की।
सीएम सुक्खू ने कहा कि हिमाचल जैसे पहाड़ी राज्य के लिए सामान्य वित्तीय मानक पर्याप्त नहीं हैं। उन्होंने 16वें वित्त आयोग में हिमाचल को हर साल कम से कम 10 हजार करोड़ रुपये का विशेष वित्तीय प्रावधान किए जाने की मांग रखी। मुख्यमंत्री ने तर्क दिया कि आपदा प्रभावित राज्य होने, कठिन भूगोल, सीमित औद्योगिक आधार और अधिक विकास लागत के चलते हिमाचल को अतिरिक्त सहायता की आवश्यकता है।

मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि लगातार प्राकृतिक आपदाओं से राज्य की अर्थव्यवस्था पर गहरा असर पड़ा है और बुनियादी ढांचे की मरम्मत व पुनर्निर्माण में भारी खर्च आ रहा है। ऐसे में केंद्र सरकार की मदद के बिना वित्तीय संतुलन बनाए रखना कठिन होता जा रहा है। उन्होंने केंद्र से राजस्व घाटा अनुदान और विशेष सहायता पैकेज पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करने का आग्रह किया।

इसके साथ ही सीएम सुक्खू ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा से भी मुलाकात कर स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की। राज्य में स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत करने, मेडिकल संस्थानों को संसाधन उपलब्ध कराने और केंद्र प्रायोजित योजनाओं में अधिक सहयोग की मांग रखी गई। मुख्यमंत्री ने भरोसा जताया कि केंद्र सरकार हिमाचल की परिस्थितियों को समझते हुए सकारात्मक निर्णय लेगी और राज्य के विकास को गति देने के लिए आवश्यक वित्तीय सहयोग प्रदान करेगी।

