हाई वोल्टेज ड्रामा: सड़क पर ही भाजपा विधायक ने अपने समर्थकों के साथ कैबिनेट मंत्री का रास्ता रोक लिया, दोनों नेताओं के बीच हुई जमकर बहस, वीडियो - Daily Lok Manch PM Modi USA Visit New York Yoga Day
March 13, 2026
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हाई वोल्टेज ड्रामा: सड़क पर ही भाजपा विधायक ने अपने समर्थकों के साथ कैबिनेट मंत्री का रास्ता रोक लिया, दोनों नेताओं के बीच हुई जमकर बहस, वीडियो



उत्तर प्रदेश के महोबा में शुक्रवार को भाजपा के पूर्व प्रदेशाध्यक्ष और एक पार्टी विधायक आमने-सामने आ गया। मामला उस वक्त बिगड़ा जब कैबिनेट मंत्री  और पूर्व प्रदेशाध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह का भाजपा विधायक बृजभूषण राजपूत ने अपने समर्थकों के साथ मिलकर रास्ता रोका। इस दौरान, भाजपा विधायक ने स्वतंत्र देव सिंह के सामने सड़कों की बदहाली को लेकर अपनी नाराजगी जताई। इस घटनाक्रम का वीडियो भी सामने आया है।



चरखारी से भाजपा विधायक बृजभूषण राजपूत ने समर्थकों के साथ मंत्री का काफिला रोक लिया। यह केवल विरोध नहीं था, बल्कि बदहाल सड़कों और जनता की दुश्वारियों को लेकर हाई वोल्टेज ड्रामा था, जिसने यूपी की राजनीति में हलचल मचा दी है।



कैबिनेट मंत्री स्वतंत्र देव सिंह महोबा में युवा उद्घोष कार्यक्रम में शिरकत करने पहुंचे थे। कार्यक्रम खत्म कर जब वह 100 ग्राम प्रधानों के साथ लौट रहे थे, तभी विधायक बृजभूषण राजपूत ने समर्थकों के साथ उनका रास्ता रोक लिया। विधायक की नाराजगी का मुख्य कारण जल जीवन मिशन के तहत खोदी गई सड़कें थीं। विधायक का आरोप था कि पाइपलाइन डालने के लिए सड़कें तो खोद दी गईं, लेकिन उन्हें ठीक नहीं किया गया, जिससे आम जनता का पैदल चलना भी दूभर हो गया है। देखते ही देखते दोनों नेताओं के बीच तीखी बहस शुरू हो गई और विधायक सड़क पर ही बैठ गए।



पुलिस और समर्थकों में भिड़ंत


मौके पर माहौल तब और बिगड़ गया जब विधायक के समर्थकों की वहां मौजूद सीओ सदर और कोतवाल से बहस हो गई। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि पुलिसकर्मी समर्थकों को शांत कराने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन बदहाल सड़कों का गुस्सा इतना ज्यादा था कि कार्यकर्ताओं ने पुलिस के साथ धक्का-मुक्की और बहसबाजी की।
इस मामले को लेकर यूपी की सियासी हलचल तेज हो गई है। अब इस मामले पर समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ने चुटकी लेते हुए कहा कि ये तो सिर्फ एक नमूना है। सपा चीफ अखिलेश यादव ने एक्स पर पोस्ट कर लिखा-“हमने तो पहले ही कहा था कि बीजेपी के ‘डबल इंजन’ ही नहीं डिब्बे भी आपस में टकरा रहे हैं। पैसे कमाने और जमीन कब्जाने में लगे बीजेपी के मंत्री हों या विधायक, इनमें से कोई भी जनता या विकास का काम नहीं कर रहे हैं। इसीलिए जनता के गुस्से से बचने के लिए वो एक-दूसरे पर दोषारोपण कर रहे हैं। बीजेपी के ही विधायक द्वारा अपनी ही बीजेपी सरकार के मंत्री को बंधक बनाना दर्शाता है कि बीजेपी सरकार के विधायक अब अगले चुनाव में हारने वाले हैं। वैसे ये न सोचा जाए कि ये इन दोनों के बीच की ही लड़ाई है। दरअसल ये तो केवल सैंपल या कहें नमूना है, हर विधानसभा क्षेत्र में यही हाल है। इस बार बीजेपी को चुनाव लड़ने के लिए प्रत्याशी ही नहीं मिलेंगे। बीजेपी की सत्ता पटरी से उतर गई है।

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