Uttarakhand DIPR
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October 11, 2026
Daily Lok Manch
राष्ट्रीय

धामी कैबिनेट के 6 बड़े फैसले : श्रमिकों को बोनस, वन कर्मियों को ₹18 हजार मानदेय और नशे के खिलाफ सख्त कदम

सीएम पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में बुधवार को सचिवालय में हुई कैबिनेट बैठक में राज्यहित से जुड़े 6 अहम प्रस्तावों पर मुहर लगा दी गई। इन फैसलों में श्रमिकों के बोनस से लेकर नशे के खिलाफ सख्त कार्रवाई और स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूती देने जैसे महत्वपूर्ण निर्णय शामिल हैं।
सबसे बड़ा फैसला पेमेंट ऑफ बोनस एक्ट 2020 में किए गए संशोधन को वापस लेने का है। अब उद्योगों को मुनाफा हो या न हो, श्रमिकों को बोनस देना अनिवार्य होगा। इसके साथ ही राज्य में अब केंद्रीय पेमेंट ऑफ बोनस एक्ट 1965 प्रभावी हो गया है, जिससे हजारों कर्मचारियों को राहत मिलेगी।
राज्य में नशे के खिलाफ अभियान को और धार देने के लिए एंटी नारकोटिक्स फोर्स में 22 नए पद सृजित किए गए हैं। इससे टास्क फोर्स और अधिक मजबूत होगी और नशे के नेटवर्क पर सख्त कार्रवाई संभव होगी।
स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने के लिए ईएसआई में डॉक्टरों की भर्ती और सेवा नियमावली में संशोधन को मंजूरी दी गई है। 76 मेडिकल ऑफिसर, 11 सहायक निदेशक, 6 संयुक्त निदेशक और 1 अपर निदेशक पद स्वीकृत किए गए हैं। इससे न केवल भर्ती प्रक्रिया तेज होगी बल्कि डॉक्टरों को प्रमोशन के बेहतर अवसर भी मिलेंगे।
कैबिनेट ने उत्तराखंड कारागार एक्ट में संशोधन करते हुए आदतन अपराधियों की परिभाषा केंद्र सरकार के अनुरूप अपनाने का निर्णय लिया है। इससे कानून व्यवस्था को और सख्ती मिलेगी।
इसके अलावा सूक्ष्म खाद्य योजना को मार्च तक बढ़ाने का फैसला लिया गया है, जिससे स्थानीय उद्यमियों को राहत मिलेगी। वहीं, वन विभाग के 579 दैनिक श्रमिकों को न्यूनतम ₹18,000 मानदेय देने का निर्णय लिया गया है। 304 श्रमिकों को पहले ही इसका लाभ मिल चुका है।
धामी सरकार के इन फैसलों को श्रमिक हित, स्वास्थ्य सुधार और कानून-व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।

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