केंद्रीय बजट 2026 में सरकार ने विकास, रोजगार, निवेश और आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए कई नई योजनाओं का ऐलान किया है। इन योजनाओं का दायरा किसानों, बुनकरों, छात्रों, छोटे करदाताओं, एसएमई, फार्मा, सेमीकंडक्टर और इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर तक फैला हुआ है। इसके साथ ही भारत के बाहर रहने वाले व्यक्तियों (PROI) के लिए भी नई निवेश योजना पेश की गई है। आइए जानते हैं बजट 2026 में घोषित प्रमुख नई योजनाओं की पूरी सूची।
महात्मा गांधी ग्राम स्वराज योजना
खादी, हथकरघा और हस्तशिल्प को बढ़ावा देने के लिए महात्मा गांधी ग्राम स्वराज पहल शुरू की जाएगी। इस योजना के तहत खादी, हैंडलूम और हैंडीक्राफ्ट उत्पादों को ग्लोबल मार्केट से जोड़ा जाएगा। साथ ही ओडीओपी (One District One Product) योजना को मजबूती मिलेगी और बुनकरों व कारीगरों को बेहतर प्रशिक्षण दिया जाएगा। सरकार टेक्सटाइल इकोसिस्टम को मजबूत करने के लिए ‘चैलेंज मोड’ में मेगा टेक्सटाइल पार्क स्थापित करने की योजना भी लाएगी।
पूंजी सब्सिडी सहायता योजना
पशु-चिकित्सा क्षेत्र को मजबूत करने के लिए निजी क्षेत्र में पशु चिकित्सा सेवाओं को बढ़ावा दिया जाएगा। इसके लिए एक नई पूंजी सब्सिडी सहायता योजना लाई जाएगी, जिससे इस सेक्टर में निवेश और रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।
बायो फार्मा शक्ति परियोजना
भारत को वैश्विक जैव-फार्मा विनिर्माण केंद्र बनाने के उद्देश्य से सरकार ने बायो फार्मा शक्ति परियोजना का ऐलान किया है। इस योजना के तहत अगले 5 वर्षों में 10,000 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। देश में जैविक और जैव-सदृश दवाओं के घरेलू उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए 1,000 मान्यता प्राप्त परीक्षण स्थलों का नेटवर्क तैयार किया जाएगा।
इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन 2.0
सेमीकंडक्टर मिशन 1.0 की सफलता के बाद सरकार ने इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन 2.0 शुरू करने का ऐलान किया है। इसका उद्देश्य उपकरण और सामग्री उत्पादन, भारतीय बौद्धिक संपदा (IP) का विकास और आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत करना है। इसके साथ ही इलेक्ट्रॉनिक्स कंपोनेंट मैन्युफैक्चरिंग स्कीम का बजट बढ़ाकर 40,000 करोड़ रुपये कर दिया गया है।
घरेलू उत्पादन को मजबूत करने की योजना
उच्च मूल्य और तकनीक आधारित निर्माण एवं इंफ्रास्ट्रक्चर उपकरणों के घरेलू उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए एक नई योजना शुरू की जाएगी। इसमें अग्निशमन उपकरण, लिफ्ट और सुरंग खोदने वाली मशीनों जैसे उत्पाद शामिल होंगे।
पोर्टफोलियो निवेश योजना (PROI)
भारत के बाहर रहने वाले व्यक्तियों (PROI) को सूचीबद्ध भारतीय कंपनियों के इक्विटी इंस्ट्रूमेंट्स में निवेश की अनुमति दी जाएगी। इसके तहत PROI के लिए निवेश सीमा 5 प्रतिशत से बढ़ाकर 10 प्रतिशत करने का प्रस्ताव रखा गया है।
एसएमई विकास के लिए समर्पित कोष
लघु एवं मध्यम उद्यमों (SME) के विकास के लिए 10,000 करोड़ रुपये का एक समर्पित फंड शुरू किया जाएगा। इसका उद्देश्य रोजगार सृजन करना और चयनित मानदंडों के आधार पर उद्यमों को प्रोत्साहन देना है।
छोटे करदाताओं के लिए नई योजना
छोटे करदाताओं के लिए नियम-आधारित स्वचालित प्रक्रिया के तहत कम या शून्य टीडीएस प्रमाणपत्र प्राप्त करने की सुविधा दी जाएगी। इसके अलावा, डिपॉजिटरी को फॉर्म 15G और 15H स्वीकार कर उसे सीधे संबंधित कंपनियों को उपलब्ध कराने की सुविधा भी दी जाएगी, जिससे करदाताओं को राहत मिलेगी।
श्रम प्रधान वस्त्र क्षेत्र के लिए एकीकृत कार्यक्रम
श्रम प्रधान वस्त्र क्षेत्र के लिए पांच प्रमुख घटकों वाला एकीकृत कार्यक्रम लाया जाएगा।
- नेशनल फाइबर स्कीम: प्राकृतिक और मानव निर्मित फाइबर्स में आत्मनिर्भरता
- वस्त्र विस्तार एवं रोजगार योजना: पारंपरिक क्लस्टरों का आधुनिकीकरण
- राष्ट्रीय हथकरघा एवं हस्तशिल्प कार्यक्रम (NHHP): बुनकरों और कारीगरों को लक्षित समर्थन
दिव्यांगजन सशक्तिकरण योजनाएं
- दिव्यांगजन कौशल योजना: उद्योग-अनुकूल प्रशिक्षण के जरिए रोजगार के अवसर
- दिव्यांग सहारा योजना: एलिम्को को सहायक उपकरणों के उत्पादन, आरएंडडी और एआई एकीकरण के लिए सहायता
नए डेडिकेटेड फ्रंट कॉरिडोर और जलमार्ग
पर्यावरण के अनुकूल कार्गो मूवमेंट को बढ़ावा देने के लिए डंकुनी से सूरत तक नया डेडिकेटेड फ्रंट कॉरिडोर बनाया जाएगा। इसके अलावा अगले 5 वर्षों में 20 नए जलमार्ग शुरू किए जाएंगे। इसकी शुरुआत ओडिशा में नेशनल वॉटरवे-5 से होगी, जो खनिज-समृद्ध क्षेत्रों को प्रमुख बंदरगाहों से जोड़ेगा। वाराणसी और पटना में अंतर्देशीय जलमार्गों के लिए शिप रिपेयर इकोसिस्टम भी विकसित किया जाएगा।

