चारधाम यात्रा शुरू होने से ठीक पहले उत्तराखंड सरकार ने श्रद्धालुओं को बड़ी राहत देते हुए केदारनाथ और बद्रीनाथ धाम में प्रतिदिन श्रद्धालुओं की संख्या तय करने की व्यवस्था यानी ‘कैपिंग’ को समाप्त कर दिया है। मुख्यमंत्री Pushkar Singh Dhami ने स्पष्ट कहा है कि अब किसी भी श्रद्धालु को केवल संख्या पूरी होने के कारण दर्शन से नहीं रोका जाएगा।
सरकार के इस फैसले से देशभर से आने वाले भक्तों में खुशी का माहौल है। पिछले वर्षों में सुरक्षा और व्यवस्थाओं को देखते हुए प्रतिदिन सीमित संख्या में ही श्रद्धालुओं को दर्शन की अनुमति दी जाती थी, जिसके कारण कई लोगों को घंटों इंतजार करना पड़ता था या फिर उन्हें बिना दर्शन के ही लौटना पड़ता था।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि हर श्रद्धालु को भगवान के दर्शन का अवसर मिले। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि यात्रा के दौरान व्यवस्थाओं को और मजबूत बनाया जाए ताकि बढ़ती संख्या के बावजूद श्रद्धालुओं को किसी तरह की परेशानी न हो।
Kedarnath Temple और Badrinath Temple में हर साल लाखों श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में कैपिंग खत्म होने के फैसले को चारधाम यात्रा से पहले एक बड़ा और सकारात्मक कदम माना जा रहा है।
पर्यटन और धार्मिक संगठनों ने भी सरकार के इस निर्णय का स्वागत किया है। उनका कहना है कि इससे श्रद्धालुओं की आस्था को सम्मान मिलेगा और राज्य के पर्यटन तथा स्थानीय कारोबार को भी बढ़ावा मिलेगा।
चारधाम यात्रा की तैयारियां अंतिम चरण में हैं और प्रशासन यात्रियों की सुविधा, सुरक्षा, ट्रैफिक प्रबंधन, स्वास्थ्य सेवाओं और ठहरने की व्यवस्थाओं को लेकर लगातार तैयारी कर रहा है। सरकार को उम्मीद है कि इस बार यात्रा में रिकॉर्ड संख्या में श्रद्धालु पहुंच सकते हैं।

